अरुणाचल में चीन से लगी सीमा पर पेट्रोलिंग कर रहीं ITBP की महिला सोल्जर्स

नई दिल्ली (मानवीय सोच) आज के भारत की महिलाएं विविध क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। भारत की सीमाओं पर गश्त करने और दुश्मनों से हमारी रक्षा करने के लिए भी डटी हुई हैं। भारतीय महिलाएं करियर बनाने और अपनी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने तक में आगे हैं। साथ ही वो अपने रास्ते में आने वाली चुनौतियों को दूर करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सोशल मीडिया पर लोगों ने कुछ प्रेरणादायी किस्से शेयर किए हैं। ऐसा ही एक वीडियो समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से साझा किया गया है जिसमें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की महिला सैनिकों को अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर गश्त करते हुए दिखाया गया है। ITBP को मुख्य रूप से चीन के साथ 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को सुरक्षित करने का काम सौंपा गया है।

‘वर्दी पहनने के बाद लैंगिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं’
वहीं, थलसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल शिखा मेहरोत्रा ने चेन्नई स्थित ‘अफसर प्रशिक्षण अकादमी’ में बतौर कैडेट बिताए गए समय को आज याद किया। उन्होंने कहा कि अकादमी में कठोर प्रशिक्षण के साथ-साथ सौहार्द की भावना ने उन्हें जीवन का एक मूल्यवान पाठ पढ़ाया कि जब कोई सैनिक वर्दी में होता है, तो लिंग भेद समाप्त हो जाता है।

कोविंद , नायडू , मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी व अन्य नेताओं ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। कोविंद ने ट्विटर पर अपने संदेश में कहा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। हमारे देश की महिलाएं अनेक क्षेत्रों में उपलब्धियों के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।”

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