इस ट्रेन के लेट होने पर यात्र‍ियों को म‍िलता है मुआवजा

नई द‍िल्‍ली (मानवीय सोच) आईआरसीटीसी ने देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्‍सप्रेस के शेड्यूल में बदलाव क‍िया है. यह देश में एकमात्र ऐसी ट्रेन है, जो आपको गंतव्‍य पर समय से पहुंचाने की गारंटी देती है. इतना ही नहीं यद‍ि यह ट्रेन क‍िसी कारण गंतव्‍य पर पहुंचने में लेट होती है तो यात्र‍ियों को मुआवजा भी द‍िया जाता है.

सप्‍ताह में पांच द‍िन चलेगी ट्रेन

आईआरसीटीसी की तरफ से मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस (82902/82901) को सप्‍ताह में पांच द‍िन चलाया जाएगा. अभी यह ट्रेन हफ्ते में चार द‍िन शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार को चलती थी. नए शेड्यूल को 11 फरवरी से लागू कर द‍िया गया है.

18 फरवरी से लागू होगा ये बदलाव

इसी तरह नई द‍िल्‍ली से लखनऊ के बीच चलने वाली लखनऊ तेजस एक्‍सप्रेस को (82501/82502) के फेरे भी बढ़ाए गए हैं. अभी तक यह ट्रेन हफ्ते में तीन द‍िन चलती थी. लेक‍िन 18 फरवरी से इसे सप्ताह में 4 दिन यानी शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार को चलाया जाएगा.

कोहरे में घट गए थे फेरे

जनवरी में उत्‍तर भारत में कड़ाके की सर्दी और कोहरे को देखते हुए आईआरसीटीसी ने दोनों ट्रेन के फेरे एक-एक द‍िन कम कर द‍िए थे. यह बदलाव 15 जनवरी से लागू क‍िया गया था.

ट्रेन लेट होने पर म‍िलता है मुआवजा

देश में तेजस एक्‍सप्रेस ऐसी अकेली ट्रेन है जो गंतव्‍य पर समय से पहुंचाने की गारंटी देती है. यद‍ि ट्रेन गंतव्‍य तक पहुंचने में लेट होती है तो आईआरसीटी की तरफ से आपको मुआवजा दिया जाता है.

तेजस एक्सप्रेस की खासियत

– तेजस देश की पहली प्राइवेट और कारपोरेट ट्रेन है. इसका संचालन आईआरसीटीसी करती है.
– इस ट्रेन में यात्री को लजीज व्यंजन परोसा जाता है, सफर के दौरान नाश्ता, खाना और पेय जल फ्री है.
– ट्रेन में हवाई जहाज की तरह ट्रेन होस्टेस आपको सर्व‍िस देती हैं. हर कोच में अलग-अलग ट्रेन होस्‍टेस तैनात की गई हैं.
– हवाई जहाज की ही तरह  ट्रेन होस्‍टेस ट्रॉली में खाने-पीने का सामान लेकर आती है.
– तेजस में डायनेमिक फेयर सिस्टम लागू है. 5 साल और उससे अधिक उम्र वाले बच्‍चे का पूरा किराया लगता है.

 

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