तीसरे, चौथे और पांचवें चरण की सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी तय, कल जारी हो सकती है सूची

लखनऊ (मानवीय सोच) भाजपा ने यूपी विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण की 16, चौथे चरण की 20 और पांचवें चरण की 59 सीटों के लिए प्रत्याशियों का चयन कर लिया है। मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में तीन घंटे से अधिक समय तक चली पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगाई गई।

भाजपा ने तीसरे चरण की 59 में से 16, चौथे चरण की 59 में से 20 सीटों पर प्रत्याशी अभी घोषित नहीं किए हैं। इनमें लखनऊ की 9 सीटें भी शामिल हैं। गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश  प्रभारी राधा मोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा और महामंत्री संगठन सुनील बंसल की मौजूदगी में 23 और 24 जनवरी को हुई कोर कमेटी की बैठक में तीसरे, चौथे और पांचवें चरण की सीटों के लिए प्रत्याशियों के चयन पर मंथन किया गया।
जातिगत समीकरण, सर्वे रिपोर्ट, संगठन की रिपोर्ट के आधार पर कोर कमेटी ने प्रत्याशियों का पैनल केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के लिए प्रस्तुत किया। मंगलवार को सीईसी की बैठक में चर्चा के बाद सौ से अधिक सीटों पर प्रत्याशियों का चयन किया गया। वहीं, कुछ सीटों पर निर्णय लेने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अधिकृत किया गया। कुछ मौजूदा विधायकों और मंत्रियों की सीटें बदली जा सकती हैं। वहीं, करीब 20 फीसदी तक मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 26 या 27 जनवरी को उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है।

भगवंतनगर व सरोजनीनगर सीट पर मशक्कत

भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि उन्नाव की भगवंतनगर सीट पर निर्णय लेने में मशक्कत करनी पड़ी है। भगवंतनगर से विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित विधायक हैं। दीक्षित की उम्र 75 वर्ष होने के कारण उनका टिकट कट सकता है। दीक्षित यहां से अपने बेटे को चुनाव लड़ाना चाहते हैं।

राजधानी की सरोजनीनगर सीट पर टिकट के लिए पति-पत्नी में हो रहे मुकाबले से भी पार्टी परेशान है। यहां से भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह व उनकी पत्नी मंत्री स्वाति सिंह टिकट मांग रहे हैं। कोर कमेटी के कुछ सदस्य दयाशंकर के पक्ष में हैं, जबकि कुछ सदस्य मौजूदा मंत्री और विधायक होने के कारण स्वाति सिंह को ही मौका देना चाहते हैं।

लखनऊ कैंट और लखनऊ पश्चिम में भी पार्टी को नए उम्मीदवार पर मशक्कत करनी पड़ रही है। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ संसदीय क्षेत्र की सीटों का फैसला रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पर छोड़ा गया है।

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