नए वेज कोड पर आ गया अपडेट! श्रम मंत्रालय ने दी बड़ी जानकारी

नई दिल्ली (मानवीय सोच) सरकार जल्दी ही नया वेज कोड लागू कर सकती है. पहले ये 1 अप्रैल से लागू होने वाला था उसके बाद, अक्टूबर से से इसके लागू होने की संभावना थी. लेकिन राज्य सरकारों के अटकलों के कारण इसे नहीं लागू किया गया. अब ये नियम नए वित्तीय साल से लागू किया जा सकता है. श्रम मंत्रालय वेज कोड को लेकर सभी क्षेत्रों के एचआर प्रमुखों के साथ चर्चा कर रहा है. श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने इकोनामिक्स टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि नियमों के मौजूदा ढांचे में बदलाव किए बिना मुद्दों को नियमों के माध्यम से लागू किया जाएगा.

कब होगा लागू?

मंत्री ने कहा, ’26 राज्यों ने वेतन संहिता पर नियम अधिसूचित किए हैं और सभी राज्य सभी चार संहिताओं पर नियमों को अधिसूचित करने पर काम कर रहे हैं. हमने सामाजिक सुरक्षा संहिता को आंशिक रूप से लागू किया है, लेकिन हम चारों को व्यापक रूप से एक साथ देखना चाहते हैं. सरकार सब कुछ सर्वसम्मति से और पारदर्शी तरीके से करेगी.’

1. साल की छुट्टियां बढ़कर 300 होंगी

कर्मचारियों की अर्जित अवकाश यानी छुट्टियां 240 से बढ़कर 300 हो सकती हैं. लेबर कोड के नियमों में बदलाव को लेकर श्रम मंत्रालय, लेबर यूनियन और उद्योगजगत के प्रतिनिधियों के बीच कई प्रावधानों पर चर्चा हुई थी. जिसमें कर्मचारियों की Earned Leave 240 से बढ़ाकर 300 किये जाने की मांग की गई थी.

2. बदलेगा सैलरी स्ट्रक्चर

नए वेज कोड के तहत कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव आएगा, उनकी Take Home Salary में कमी की जा सकती है. क्योंकि वेज कोड एक्ट (Wage Code Act), 2019 के मुताबिक, किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी कंपनी की लागत (Cost To Company-CTC) के 50 परसेंट से कम नहीं हो सकती है. अभी कई कंपनियां बेसिक सैलरी को काफी कम करके ऊपर से भत्ते ज्यादा देती हैं ताकि कंपनी पर बोझ कम पड़े.

3. भत्तों में कटौती करनी होगी

किसी कर्मचारी की Cost-to-company (CTC) में तीन से चार कंपोनेंट होते हैं. बेसिक सैलरी, हाउस रेंट अलाउंस (HRA), रिटायरमेंट बेनेफिट्स जैसे PF, ग्रेच्युटी और पेंशन और टैक्स बचाने वाले भत्ते जैसे- LTA और एंटरटेनमेंट अलाउंस. अब नए वेज कोड में ये तय हुआ है कि भत्ते कुल सैलरी से किसी भी कीमत पर 50 परसेंट से ज्यादा नहीं हो सकते. ऐसे में अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 50,000 रुपये महीना है तो उसकी बेसिक सैलरी 25,000 रुपये होनी चाहिए और बाकी के 25,000 रुपये में उसके भत्ते आने चाहिए.

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