बिपिन रावत की बेटियों की हो सकती है राजनीति में एंट्री

देहरादून (मानवीय सोच): उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। वहीं पिछले साल दिसंबर में हुए तमिलनाडु के कुन्नूर हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 11 सहयोगी शहीद हो गए थे। मूलतः उत्तराखंड के रहने वाले सीडीएस रावत की दिली इच्छा थी कि वो रिटायरमेंट के बाद अपने प्रदेश उत्तराखंड लौट जाएं और यहीं आकर बस जाएं। यही नहीं, इसके लिए सीडीएस रावत बकायदा देहरादून में अपना घर भी बनवा रहे थे, लेकिन अचानक हुए हादसे के कारण उनकी सारी प्लानिंग धरी रह गई। वहीं, रावत की याद को अब बीजेपी अलग अंदाज में जिंदा रखना चाहती है और वो है उनके परिवार को राजनीति से जोड़ना।

हालांकि कुछ दिन पहले ही स्व. जनरल बिपिन रावत के भाई कर्नल विजय रावत ने देहरादून में बीजेपी ज्‍वाइन की थी, लेकिन वो चुनाव लड़ने से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि बीजेपी ने अब सीडीएस जनरल बिपिन रावत की बेटियों को चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भेजा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी जनरल रावत की दो बेटियों में से किसी एक को 2022 विधानसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड की किसी सीट से अपना उम्मीदवार बनाना चाहती है, जिसके लिए बेटियों की हामी का इंतजार है।

सीडीएस स्व. बिपिन रावत की दो बेटियां हैं, जिनमें से बड़ी वाली बेटी कृतिका मुंबई में रहती हैं। कृतिका की शादी भी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी तारिणी दिल्ली हाईकोर्ट में बतौर वकील प्रैक्टिस कर रही हैं। ऐसे में बीजेपी को इंतजार है कि जो भी चुनाव लड़ने की हामी भर देगी, उसे मैदान में उतार दिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, दिवंगत जनरल बिपिन रावत की बेटियों को चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी ने प्रस्ताव भेजा है। उनकी हामी आने पर बीजेपी देहरादून की डोईवाला या कोटद्वार सीट से उन्हें चुनाव मैदान में उतार सकती है। इन दोनों ही सीटों पर बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान अभी नहीं किया है। ऐसे में सैन्य बाहुल वाली इन दोनों सीटों पर जनरल बिपिन रावत के पारिवारिक सदस्य को उतारने की योजना है।

बता दें कि 14 फरवरी को उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। वहीं, 10 मार्च को बाकी राज्यों संग ही उत्तराखंड के नतीजे भी सामने आएंगे। उत्तराखंड में कुल 81 लाख 43 हजार 922 वोटर्स हैं, जिनके वोट को लेकर भाजपा और कांग्रेस इस चुनाव में मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टियां हैं। प्रदेश में चुनाव कोरोना नियमों का पालन करते हुए सम्पन्न कराएं जाएंगे। चुनाव आयोग ने कोरोना को लेकर खास दिशा निर्देश जारी किए हैं।

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