NSE केस में पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण की मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली (मानवीय सोच) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज  में अनियमितताओं को लेकर स्टॉक एक्सचेंज की पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. आयकर विभाग की छापेमारी के बाद अब सीबीआई ने चित्रा पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को CBI ने पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण से पूछताछ की है.

लुकआउट सर्कुलर हुआ जारी

सीबीआई की ओर से  चित्रा रामकृष्ण के अलावा रवि नारायण और पूर्व सीओओ आनंद सुब्रमण्यम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया है. इससे पहले गुरुवार को आयकर विभाग ने एनएसई की पूर्व प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चित्रा रामकृष्ण और समूह परिचालन अधिकारी आनंद सुब्रमण्यम के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले में मुंबई स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी.

अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद दोनों लोगों के खिलाफ टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच करना व सबूत जुटाना है. आयकर विभाग की मुंबई जांच शाखा ने रामकृष्ण और सुब्रमण्यम के ठिकानों पर यह छापेमारी की थी.

केस में अज्ञात योगी का नाम 

चित्रा रामकृष्ण उस वक्त सुर्खियों में रही थीं, जब बाजार नियामक सेबी ने हाल में एक आदेश जारी किया था, जिसके मुताबिक एनएसई की पूर्व एमडी और सीईओ चित्रा रामकृष्ण ने एक योगी के प्रभाव में आकर आनंद सुब्रमण्यम को एक्सचेंज में समूह परिचालन अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक का सलाहकार नियुक्त किया.

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने रामकृष्ण और अन्य पर सुब्रमण्यम की मुख्य रणनीतिक सलाहकार के तौर पर नियुक्ति और फिर समूह परिचालन अधिकारी और मैनेजिंग डायरेक्टर के सलाहकार के तौर पर उनकी पुन: नियुक्ति में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था.

सेबी ने लगाया जुर्माना

सेबी ने रामकृष्ण पर तीन करोड़ रुपये, एनएसई और उसके पूर्व प्रबंध निदेशक और सीओओ रवि नारायण और सुब्रमण्यम पर दो-दो करोड़ रुपये, मुख्य नियामक अधिकारी वी आर नरसिम्हन पर छह लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. सेबी ने अपने आदेश में कहा था कि रामकृष्ण ने कथित योगी के साथ विभागीय खुफिया जानकारियां साझा की थीं, जिनमें एनएसई की आर्थिक और कारोबारी योजनाएं शामिल हैं.

रामकृष्ण अप्रैल 2013 से दिसंबर 2016 के बीच एनएसई की एमडी एवं सीईओ थीं. रामकृष्ण और सुब्रमण्यम को तीन साल की अवधि के लिए किसी भी बाजार ढांचागत संस्थान या सेबी के साथ रजिस्टर्ड किसी भी मध्यस्थ के साथ जुड़ने से निषिद्ध कर दिया गया है. जबकि नारायण के लिये यह पाबंदी दो साल के लिये है.

जांच में जुटी एजेंसियां

सेबी ने एनएसई को रामकृष्ण के अतिरिक्त अवकाश के बदले भुगतान किये गये 1.54 करोड़ रुपये और 2.83 करोड़ रुपये के बोनस (डेफर्ड बोनस) को जब्त करने का भी निर्देश दिया था. इसके साथ ही नियामक ने एनएसई को कोई भी नया उत्पाद पेश करने से छह महीने के लिये रोक दिया है.

सीबीआई ने दिल्ली स्थित ओपीजी सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक और प्रमोटर संजय गुप्ता के खिलाफ एनएसई को-लोकेशन फेसिलिटी केस में शेयर मार्केट की खबरों तक जल्दी पहुंच से फायदा बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है. सीबीआई इसी मामले में सेबी और NSE, मुंबई के अज्ञात अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों की भी जांच कर रही थी.

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