काशी में मेरी मृत्यु की कामना की गई, लेकिन मुझे आनंद आया,पीएम मोदी

वाराणसी (मानवीय सोच) यूपी असेंबली के चुनावों के लिए पीएम नरेंद्र मोदी वाराणसी  में जनसभा को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि हम कार्यकर्ताओं को परिवार मानने वाले लोग हैं, जबकि वे परिवार को पार्टी मानते हैं.

त्रिशूल के आगे कोई टिक सकता है क्या- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘त्रिशूल के आगे कोई माफिया, कोई आतंकी कभी टिक सकता है क्या? आज सब अपने ठिकाने पर है और कालजली काशी देश को दिशा दिखा रही है. कुछ दिन पहले मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा भी बनारस को आशीर्वाद देने फिर से स्थापित हो गई हैं. पहले काशी में घाटों पर, मंदिरों पर बम विस्फोट होते थे. आतंकवादी बेखौफ थे, क्योंकि तब की समाजवादी सरकार उनके साथ थी.’

उन्होंने कहा, ‘सरकार आतंकियों से खुलेआम मुकदमे वापस ले रही थी. लेकिन, काशी कोतवाल बाबा कालभैरव के आगे इनकी चलने वाली थी क्या? उन घोर परिवारवादियों को मालूम नहीं है कि ये जिंदा शहर बनारस है! ये शहर मुक्ति के रास्ते खोलता है. और अब बनारस, विकास के जिस रास्ते पर चल पड़ा है, वो देश के लिए गरीबी से मुक्ति के रास्ते खोलेगा, अपराध से मुक्ति के रास्ते खोलेगा.’

‘प्रतिद्वंदी कर रहे मेरी मृत्यु का कामना’

काशी के प्रति अपने अनुराग इजहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे लगा कि मेरे घोर विरोधी भी ये देख रहे हैं कि काशी के लोगों का मुझ पर कितना स्नेह है. उन लोगों ने तो मेरे मन की मुराद पूरी कर दी. इसका मतलब ये कि मेरी मृत्यु तक ना काशी के लोग मुझे छोड़ेंगे और ना ही काशी मुझे छोड़ेगी. मैं किसी की व्यक्तिगत आलोचना करना पसंद नहीं करता और ना ही किसी की आलोचना करना चाहता हूं. लेकिन जब सार्वजनिक रूप से काशी में मेरी मृत्यु की कामना की गई, तो वाकई मुझे बहुत आनंद आया, मेरे मन को बहुत सुकून मिला.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘काशी तो अविनाशी कही जाती है. और काशी के लोग जब विश्वनाथ धाम परियोजना को लेकर गर्व का अनुभव कर रहे थे, तो उस समय हमने एक और अनुभव किया. हम सभी ने देखा कि भारत की राजनीति में कुछ लोग किस हद तक नीचे गिर गए हैं. मैंने इस बार लाल किले से कहा है कि 100% लाभार्थियों तक जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए. जब ऐसा होगा तो न तुष्टिकरण की कोई संभावना होगी, न किसी भेदभाव की. इस काम में भाजपा कार्यकर्ताओं की बहुत बड़ी भूमिका है.’

‘भाजपा की पहचान हैं उसके कार्यकर्ता’ 

उन्होंने कहा, ‘हम सेवा करने के लिए ही राजनीति में आए हैं. ये एक-दो दिन की रिहर्सल नहीं, एक दो साल का कोर्स नहीं है, बल्कि सेवा एक माहयज्ञ है, जो जीवन की आखिरी सांस तक अनवरत चलते रहना चाहिए. भाजपा की पहचान उनका कार्यकर्ता है. भाजपा कार्यकर्ता की पहचान उसकी सेवा है. कोरोना काल इसका ताजा उदाहरण है.  कोरोना काल के दौर में पार्टी ने ‘सेवा ही संगठन’ अभियान चलाया. मैं जानता हूं कि किस तरह भाजपा का हर एक कार्यकर्ता जन सामान्य की सेवा के लिए लगा रहा. हमारे कार्यकर्ताओं ने लोगों तक राशन पहुंचाया, घर-घर दवाईयां पहुंचाई, मास्क बांटे.’

एसपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘पहले जिन घोर परिवारवादियों ने सरकार चलाई उनकी पार्टी की पहचान के साथ गुंडागर्दी और माफियावाद जुड़ा हुआ है. जब ये घोर परिवारवादी सरकार में थे, तो यूपी के विकास के लिए, गरीबों के लिए हम जो भी काम लेकर आते थे, उसमें ये अड़ंगा लगा देते थे. लेकिन बीते पांच साल में डबल इंजन की सरकार ने यूपी के विकास की पूरी ईमानदारी से कोशिश की है.’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘काशी भारत की संस्कृति की प्राचीन राजधानी रही है. लेकिन, पिछली सरकारों ने बनारस को विकास से वंचित रखकर यहां के लोगों को परेशानियों के गर्त में धकेलने की कोशिश की. अभी शिवरात्रि आने वाली है. पूरे देश से लोग काशी आएंगे. बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए लोग घंटों तक लाइन में लगते हैं. काशी में आए बाबा के भक्त बाबा के ही रूप होते हैं. हमें इसी भाव के साथ हर श्रद्धालु की सेवा करनी है.’

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