तिहाड़ जेल के कैदियों को कुश्ती सिखा रहे सुशील कुमार

नई दिल्ली (मानवीय सोचराष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार अपने साथी कैदियों को कुश्ती और शारीरिक तंदरुस्ती के गुर सिखाएंगे। जेल अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी एवं जेल परिसर में कोविड-19 के मामलों में गिरावट के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि पहले उसने कुमार को खेलकूद गतिविधियों में शामिल करने की योजना बनायी थी, लेकिन दिल्ली में कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देजनर इसे स्थगित करनी पड़ी।

महानिदेशक (दिल्ली जेल) संदीप गोयल ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”हमने पहले ही इसकी अनुमति देने का फैसला किया था, लेकिन कोविड की तीसरी लहर के कारण हम ऐसा कर नहीं पाये। अब स्थिति सामान्य हो गयी है, ऐसे में जेलों में नियमित गतिविधियां बहाल की जा रही हैं। हम सुशील कुमार को इच्छुक कैदियों को कुश्ती एवं अन्य शारीरिक गतिविधियों पर प्रशिक्षण की अनुमित देंगे।”

जेल अधिकारियों का कहना है कि चूंकि कुमार प्रशिक्षित पेशेवर पहलवान हैं, ऐसे में फिटनेस एवं कुश्ती से संबंधित उनके कोचिंग क्लास से उन कैदियों को फायदा होगा जो कुछ नया खेल सीखना चाहते हैं, साथ ही वह (कुमार) उन्हें फिट एवं तंदरुस्त रखने में भी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे कैदी व्यस्त रहेंगे और उनके अंदर ऐसी सकारात्मक सोच आएगी कि उनकी ऊर्जा सही दिशा में इस्तेमाल हो रही है।

उन्होंने कहा कि इससे कैदियों को अपने रोजमर्रा के कामकाज पर भी ध्यान देने में मदद मिलेगी। सितंबर, 2021 में कोविड-19 की तीसरी लहर से पहले दिल्ली जेल विभाग ने तिहाड़ के कैदियों को विभिन्न खेलों में पेशेवर प्रशिक्षण देने की पहल शुरू की थी। इसके तहत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की सीएसआर परियोजना के अंतर्गत कैदियों को छह खेलों– खो-खो, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, शतरंज और कैरम में प्रशिक्षण दिया जा रहा था।

कुमार को छत्रसाल स्टेडियम कांड के सिलसिले में पिछले साल 23 मार्च को सह-आरोपी अजय कुमार के साथ गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह जेल में ही हैं। कुमार एवं उनके साथियों ने पहलवान सागर धनखड़ एवं उनके दोस्तों के साथ चार-पांच मई की दरम्यानी रात को कथित तौर पर मारपीट की थी और धनखड़ ने बाद में दम तोड़ दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.