संसद में टोपी पहन सकते हैं, तो कॉलेज में इस्लामी ड्रेस क्यों नहीं, ओवैसी

नई दिल्ली (मानवीय सोच) कर्नाटक के कॉलेज में हिजाब को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा रूप लेता जा रहा है। इस मामले में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि भाजपा लोगों को भड़काने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर संसद में टोपी पहनी जा सकती है तो स्कूल कॉलेज में हिजाब पहनने में क्या आपत्ति है।

ओवैसी ने कहा, ‘मैं अपने संविधान की बात कर रहा हूं। मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बात कर रहा हूं। अगर हम टोपी पहनकर संसद जा सकते हैं तो एक लड़की हिजाब पहनकर कॉलेज क्यों नहीं जा सकती। 2014, 2017 और 2019 में भाजपा ने इसी दम पर जीत हासिल की है। कट्टरवाद कहां से आ रहा है? तथाकथित सेक्युलर पार्टियों ने भी अपने आंख कान बंद कर लिए हैं।’

बता दें कि कर्नाटक में उडुपी के एक कॉलेज में छह लड़कियों के क्लास में घुसने से इसलिए रोक दिया गया था क्योंकि उन्होंने कॉलेज का यूनीफॉर्म नहीं पहना था बल्कि हिजाब पहन रखा था। इसके बाद लड़कियां धरने पर बैठ गईं। कॉलेज के न मानने पर वे हाई कोर्ट पहुंच गईं। कल इस मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने कहा था कि किसी की निजी मान्यताओं से ज्यादा जरूरी संविधान और कानून है।

कर्नाटक के कई कॉलेजों में इस विवाद ने तूल पकड़ लिया है। उडुपी के कॉलेज में इसी बात को लेकर नारेबाजी भी हुई। मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने छात्रों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने राज्य में तीन दिन के लिए स्कूल और कॉलेज बंद करने का ऐलान कर दिया है।

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