सीआईएसएफ के 53वें स्थापना दिवस में, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत, अमित शाह

नई दिल्ली  (मानवीय सोचकेंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का रविवार को 53वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित सीआईएसएफ कैंप में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि हैं। कार्यक्रम के दौरान निशान टोली को सलामी दी गई। अमित शाह ने कहा कि सीआईएसएफ में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। महिला भागीदारी को छह प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत पर लाना होगा।

सीआईएसएफ का स्थापना दिवस 10 मार्च को होता है। हालांकि यूपी विधानसभा चुनाव की मतगणना भी 10 मार्च को हो रही है, इसलिए इस कार्यक्रम को चार दिन पहले ही आयोजित किया जा रहा है। सीआईएसएफ की पांचवीं बटालियन का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है।

सीआईएसएफ की स्थापना 10 मार्च 1969 को हुई थी। यह अर्द्धसैनिक बल गृह मंत्रालय के अधीन आता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘कोरोना महामारी के दौरान जब विदेश से भारतीय नागरिक लौट रहे थे तब सीआईएसएफ कर्मियों ने भारतीय साथियों की देखभाल करने में अपनी जान को खतरे में डाल दिया था और कई कर्मियों ने अपनी जान गंवाई थी। वे ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से लौटने वाले नागरिकों का भी खयाल रख रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि निजी औद्योगिक उत्पादन क्षेत्र को भी सुरक्षा व शांति प्रदान करने के लिए सीआईएसएफ को आगे आना चाहिए। निजी सुरक्षा एजेंसी की दक्षता बढ़ाने के लिए सीआईएसएफ उनके साथ तब तक मिलकर काम करें जब तक वह पूरी तरह प्रशिक्षित ना हो जाए। उन्होंने आगे कहा कि चाहे कोरोना महामारी के दौरान विदेश से लौटने वाले यात्री हों या अभी यूक्रेन से लौटने वाले नागरिक, सीआईएसएफ कर्मी अपनी जान की परवाह किए लगातार सेवा कर रहे हैं।

सीआईएसएफ डीजी को दिए निर्देश

गृह मंत्री ने कहा कि सीआईएसएफ ने अपने 52 साल के सफर में विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा शांति कायम करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीआईएसएफ को देश के विशिष्ट बल के रूप में रेखांकित किया। शताब्दी वर्ष समारोह में सीआईएसफ और गौरवान्वित होकर देश के सामने आए, इसके लिए सीआईएसएफ के डीजी को पांच साल की बेस योजना और 25 साल की दीर्घकालीन योजना बनाने का काम इसी साल शुरू कर देना चाहिए।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

उन्होंने कहा कि सीआईएसफ में महिला जवानों की भागीदारी और बढ़ाने की जरूरत है। अभी सीआईएसफ में 9,200 से अधिक महिला कर्मी हैं जो कुल बल का 6. 38% है, यह 20% तक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी देश के सामने सुरक्षा संबंधी कई चुनौतियां हैं जिन्हें दूर करने का लक्ष्य सीआईएसफ को निर्धारित करने की जरूरत है।

इस मौके पर सीआईएसएफ के महानिदेशक (डीजी) शील वर्द्धन सिंह ने कहा, ‘आज हम अंतरिक्ष एंव परमाणु ऊर्जा केंद्रों, बंदरगाहों, हवाईअड्डों और मेट्रो स्टेशनों की रक्षा करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘दिल्ली मेट्रो पर लगभग 30 लाख यात्री और देशभर के हवाईअड्डों पर लगभग 10 लाख यात्री सीआईएसएफ की सुरक्षा के बीच यात्रा करते हैं। हमने हवाईयात्रियों की 12 करोड़ से ज्यादा कीमत की वस्तुएं लौटाई हैं। हमारे कर्मियों ने आपातकालीन अवस्था में लोगों की सहायता की है।’

इस अवसर पर जवानों ने एक से एक हैरतअंगेज करतब दिखाए। आतंकियों से वीआईपी की सुरक्षा करना और मेट्रो सुरक्षा का प्रदर्शन खासा सराहा गया।

One Reply to “सीआईएसएफ के 53वें स्थापना दिवस में, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत, अमित शाह”

  1. I’m extremely inspired along with your writing talents as well as with the structure for your blog. Is that this a paid subject matter or did you modify it yourself? Either way stay up the nice quality writing, it is uncommon to see a nice weblog like this one these days!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *