उल्लू, ऑल्ट बालाजी जैसे 25 OTT प्लेटफ़ॉर्म्स भारत में बैन — अश्लील कंटेंट पर सरकार ने कसा शिकंजा
भारत सरकार ने OTT प्लेटफ़ॉर्म्स पर बढ़ते अश्लील कंटेंट और नग्नता को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने उल्लू (Ullu), ऑल्ट बालाजी (ALTBalaji/ALTT), डेसिफ्लिक्स (Desiflix) समेत कुल 25 OTT प्लेटफ़ॉर्म्स को बैन करने के निर्देश जारी किए हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील, कामोत्तेजक और महिला-विरोधी कंटेंट प्रसारित करने के आरोप लगे हैं। सरकार के इस फैसले को डिजिटल स्पेस में साफ-सुथरे और सामाजिक मूल्यों पर आधारित मनोरंजन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
? कार्रवाई का कारण
सरकार ने यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) की धारा 67 और 67A, भारतीय न्याय संहिता (NYS) की धारा 294, तथा महिला अश्लील चित्रण निषेध अधिनियम, 1986 के अंतर्गत की है।
इन OTT प्लेटफॉर्म्स पर
बिना किसी कहानी या सामाजिक संदर्भ के अश्लील और नग्न दृश्य दिखाए जा रहे थे,
महिलाओं को वस्तु की तरह प्रस्तुत किया जा रहा था,
कई बार पहले चेतावनी के बावजूद वही कंटेंट बिना बदलाव के दोबारा अपलोड कर दिया गया।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस तरह के कंटेंट न सिर्फ भारतीय संस्कृति और समाज के लिए हानिकारक हैं, बल्कि युवाओं और किशोरों पर भी बुरा असर डालते हैं।
? बैन किए गए प्लेटफ़ॉर्म्स की पूरी सूची
सरकार द्वारा बंद किए गए प्रमुख OTT प्लेटफ़ॉर्म्स में शामिल हैं:
1. ALTBalaji (ALTT)
2. Ullu
3. Desiflix
4. Big Shots App
5. Boomex
6. NeonX VIP
7. Navarasa Lite
8. Gulab App
9. Kangan App
10. Bull App
11. Jalva App
12. Wow Entertainment
13. Look Entertainment
14. Hitprime
15. Fugi
16. Feneo
17. ShowX
18. Sol Talkies
19. Adda TV
20. HotX VIP
21. Hulchul App
22. MoodX
23. Triflicks
24. Mojflix
25. ShowHit
?ALTBalaji का स्पष्टीकरण
बैन की सूची में शामिल ALTBalaji (अब ALTT) को लेकर चर्चित निर्माता एकता कपूर ने सफाई दी है। उन्होंने बयान जारी कर बताया कि वह और उनकी मां शोभा कपूर जून 2021 के बाद से ALTT से किसी भी रूप में नहीं जुड़ी हैं, और न ही इस बैन से उनका कोई लेना-देना है।
⚖ कानूनी धाराएं जिनके तहत कार्रवाई
IT Act की धारा 67A – अश्लील सामग्री डिजिटल माध्यम से प्रकाशित करना
NYS धारा 294 – सार्वजनिक रूप से अश्लील हरकतें
महिला अश्लील चित्रण निषेध अधिनियम, 1986 की धारा 4 – महिला की अपमानजनक छवि प्रस्तुत करना
? आगे की कार्रवाई और चेतावनी
सरकार ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) को इन प्लेटफॉर्म्स को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अन्य OTT कंपनियों को स्व-नियमन (self-regulation) और Content Code के पालन के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
? पहले भी चेतावनी दी गई थी
सरकार ने फरवरी 2025 में OTT प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी थी कि वे अपने कंटेंट की निगरानी करें और सामाजिक मूल्यों के अनुरूप दिशा-निर्देशों का पालन करें। लेकिन कई प्लेटफॉर्म्स ने निर्देशों की अनदेखी करते हुए उसी प्रकार का कंटेंट जारी रखा।
? निष्कर्ष
OTT प्लेटफॉर्म्स ने डिजिटल मीडिया में मनोरंजन का एक नया द्वार खोला है, लेकिन इसकी आड़ में अगर समाज-विरोधी और नैतिकता से परे सामग्री प्रसारित होती है, तो सरकार की यह कार्रवाई न केवल उचित है बल्कि आवश्यक भी। अब देखना होगा कि बाकी OTT कंपनियाँ इस संदेश से क्या सबक लेती हैं।
