उत्तर प्रदेश : (मानवीय सोच) आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित होटल में इंडियन मीनोपॉज सोसाइटी ने एक कार्यक्रम आयोजित किया। कॉन्फ्रेंस में चिकित्सकों ने बताया कि असमय बंद हो रहा मासिक धर्म महिलाओं को बीमार बना रहा है। 22 फीसदी महिलाओं में यह सही उम्र में बंद नहीं हो रही है। ऐसी महिलाओं में कैंसर-हृदय रोग, हड्डी रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और डिप्रेशन का तीन गुना खतरा बढ़ा है।
सोसाइटी की राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुग्राम की डॉ. पुष्पा सेठी ने बताया कि भारत में मासिक धर्म (माहवारी) बंद होने की सही उम्र 47.7 साल है। दुनिया की बात करें तो 51 साल है। लेकिन देश में 19 फीसदी महिलाओं में 47.7 साल से पहले बंद हो रही है। इसमें से तीन से पांच फीसदी की उम्र तो 40 साल से कम है। करीब तीन फीसदी में सही उम्र में ही बंद हो रही है। जल्दी माहवारी बंद होने को महिलाएं सामान्य समझती हैं और चिकित्सकों को नहीं दिखातीं। देर से माहवारी बंद होने पर जरूर महिलाएं गंभीरता से लेती हैं।
