नीट यूजी परीक्षा में लगे धांधली के आरोपों के बाद से ही नेशवल टेस्टिंग एजेंसी सवालों के घेरे में है. NEET UG के बाद, नीट पीजी और यूजीसी नेट स्थगित होने के बाद एनटीए के कामकाज के तरीके पर शक और गहराया गया. एनटीए की आड़ में विपक्ष सीधा केंद्र पर निशाना साध रहा है. देश में मचे बवाल के बीच केंद्र ने एनटीए के DG को बदला और एंटी पेपर लीक कानून भी लागू किया. अब न्यूज एजेंसी एएनआई ने शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि पारदर्शिता की निगरानी और एनटीए के कामकाज पर गौर करने के लिए गठित होने वाली केंद्र के सात सदस्यीय हाई-लेवल पैनल की आज बैठक होगी.
इससे पहले शनिवार को शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार और एनटीए की काम करने के तरीके पर सिफारिशें करने के लिए विशेषज्ञों के हाई-लेवल पैनल के गठन की घोषणा की थी.इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन के नेतृत्व वाली सात सदस्यीय समिति अगले दो महीनों में अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी. मंत्रालय ने कहा, एनटीए के माध्यम से परीक्षाओं के पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए, उच्च शिक्षा विभाग शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रक्रिया के तंत्र में सुधार पर सिफारिशें करने के लिए विशेषज्ञों के एक हाई-लेवल पैनल का गठन किया है.
