साढ़ स्थित डिफेंस कॉरिडोर को पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद अब गोला-बारूद की टेस्टिंग आसानी से हो सकेगी। कॉरिडोर को जनवरी माह में पर्यावरण मंत्रालय ने सैद्धांतिक सहमति दी थी, अब अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया है। डिफेंस कॉरिडोर में यूनिट लगाने वाले उत्पादन समूहों को लंबे समय से इस प्रमाण पत्र का इंतजार था। माना जा रहा है कि एनओसी मिलने के बाद अब कॉरिडोर में आयुध उत्पादन का काम गति पकड़ने से रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। पर्यावरण मंत्रालय की अनापत्ति के बाद साढ़ स्थित डिफेंस कॉरिडोर में गोला-बारूद जैसी विस्फोटक सामग्री का परीक्षण आसान हो गया है। इसके अलावा जल सप्लाई संयत्र, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, कॉमन इफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट, जीरो लिक्वेड डिस्चार्ज, एयर क्वॉलिटी मॉनीटरिंग सिस्टम, नॉइस मॉनिटरिग सिस्टम भी लगाया जा सकेगा। अधिकारियों ने दावा किया कि एनओसी के बाद कॉरिडोर में अन्य यूनिट भी जल्दी ही काम शुरू कर सकती हैं।
