गोरखपुर : (मानवीय सोच) गोरखनाथ क्षेत्र के राजेंद्रनगर निवासी श्वेता तिवारी के पिता पीसीएस अधिकारी हैं। श्वेता ने इंटर तक की पढ़ाई कांवेंट स्कूल में साइंस विषय में की। परिवार के लोगों ने उसे बीटेक या साइंस से ही स्नातक करने की सलाह दी, लेकिन उसने परिवार के समक्ष सिविल सर्विसेज की तैयारी करने की इच्छा जताते हुए बीए करने की बात कही। बेटी की बात को पिता ने भी मान लिया। गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में उसने अच्छा अंक प्राप्त किया।
परिणाम स्वरूप काउंसिलिंग के लिए जारी पहली लिस्ट में उसका नाम आ गया। उसने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के अनुरूप बीए में इतिहास, राजनीतिशास्त्र और हिंदी विषय को चुना। बाद में परिवार के दबाव पर उसने हिंदी को छोड़ अंग्रेजी विषय लिया। श्वेता का कहना है उसका मुख्य उद्देश्य सिविल सर्विसेज की तैयारी करना है।
