(मानवीय सोच) जनरल मनोज पांडे ने आज जनरल मनोज मुकुंद नरवणे से सेनाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। वे 29वें सेना प्रमुख होंगे, साथ ही वे कोर ऑफ इंजीनियर्स के पहले अधिकारी हैं जिन्हें यह अवसर मिला है।
देश को आज नया सेना प्रमुख मिला है। जनरल मनोज पांडे ने आज शनिवार को सेनाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बैटन सौंपकर उन्हें आर्मी चीफ की कुर्सी पर बैठाया। 29वें चीफ के तौर पर पदभार संभालने वाले जनरल पांडे कोर ऑफ इंजीनियरिंग के पहले अधिकारी है, जिन्हें ये अवसर मिला है।
बता दें कि, मनोज कुमार पांडे ने आज 30 अप्रैल को मनोज मुकुंद नरवणे के बाद 29वें थल सेना प्रमुख के रूप में पदग्रहण किया। थल सेना प्रमुख बनने से पहले मनोज कुमार पांडे थल सेना की पूर्वी कमान की अगुवाई कर रहे थे। इस कमान पर सिक्किम और अरुणाचल प्रधेश सेक्टरों में वास्तिवक रेखा की रक्षा की जिम्मेदारी है। बता दें, जनरल मनोज पांडे इससे पहले ईस्टर्न कमांड के कमांडिंग ऑफिसर रह चुके हैं और अंडमान एंड निकोबार कमांड के कमांडर इन चीफ का पद भी संभाल चुके हैं। मनोज पांडे को चीनी सीमा पर काम करने का अच्छा अनुभव है।
कौन हैं मनोज पांडे:
मनोज पांडे का जन्म 6 मई, 1962 को हुआ है, वो नेशनल डिफेंस अकेडमी के पूर्व छात्र हैं। महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले मनोज पांडे शुरुआती स्कूलिंग के बाद 1982 में एनडीए में सेलेक्ट हुए थे। ट्रेनिंग के बाद उन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी ज्वाइन की और ऑफिसर के तौर पर कमीशन लिया। इसके बाद दिसंबर 1982 में सेना की इंजीनियरिंग कॉर्प्स बॉम्बे सैपर्स में उन्हें कमीशन मिला।
मनोज मुकुंद नरवणे हुए रिटायर:
आपको बता दें कि, जनरल मनोज मुकुंद नरवणे रिटायर हो गए हैं। रिटायर होने के बाद मुकुंद नरवणे अपनी पत्नी वीना नरवणे के साथ राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रथम महिला सविता कोविंद से मुलाकात की।
