जाति से कितने फीसदी मिल सकते हैं वोट? जानिए पूरा गणित

लखनऊ (मानवीय सोच) पांच राज्यों में हुए विधान सभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल सोमवार को जारी कर दिए गए. अधिकतर एग्जिट पोल में यूपी में बीजेपी को बहुमत मिलते हुए दिखाया जा रहा है. एक सर्वे ने तो यूपी में बीजेपी के 326 सीटें जीतने का अनुमान जताया है. वहीं बीजेपी भविष्यवाणी कर रही है कि वो अपने राजनीतिक आत्मीयता मॉडल  के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2022 में 255 सीटें जीतेगी. ये मॉडल बीजेपी के प्रति उत्तर प्रदेश की जातियों की राजनीतिक आत्मीयता पर आधारित है.

कितने फीसदी ब्राह्मण हैं बीजेपी के साथ?

मॉडल के अनुसार, ब्राह्मण वोट बीजेपी से 25 प्रतिशत दूर जा रहा है क्योंकि 2017 के चुनाव में उसे 100 प्रतिशत आत्मीयता मिली थी, जबकि इस बार ये 75 प्रतिशत होगी. वहीं कुर्मी जाति बीजेपी से 50 फीसदी दूर होकर 2022 में 50 फीसदी हो रही है, जो 2017 में 100 फीसदी थी. यही संख्या 2022 में जाटों, गुज्जर, राजभर, बिंद और कुशवाहा में भी है.

जाटवों के बीच कैसी है बीजेपी की पकड़?

साल 2017 में, 35-40 प्रतिशत जाटवों ने बीजेपी को वोट दिया, लेकिन इस बार केवल 25 प्रतिशत ही बीजेपी के पक्ष में मतदान करेंगे, जबकि 15 प्रतिशत बीजेपी से दूर होंगे.

26 जातियों की बीजेपी के पक्ष में गोलबंदी

26 अन्य जातियों के लिए बीजेपी 100 प्रतिशत आत्मीयता वोट की उम्मीद कर रही है. ये ठाकुर, कायस्थ, बनिया, भूमिहार, मौर्य, लोधी, सैनी, पासी, कोरी, शाक्य, त्यागी, बघेल, वाल्मीकि, खरवार, धोबी, सिख, पाल, गोस्वामी, सहरिया, जमादार, हलवाई, लोहार, सिंधी, गोंड, डोम और वनवासी आदि हैं. जिन जातियों में कोई राजनीतिक आत्मीयता नहीं है, वे हैं मुस्लिम और यादव जहां बीजेपी को शून्य या शून्य प्रतिशत वोटों की उम्मीद है.

बीजेपी के अनुमान के मुताबिक, वो 255 सीटें जीत रही है और 158 सीटें हार रही है. पश्चिम क्षेत्र में 70 में से आधी या 34 से भी कम सीटें जीत रही है, ब्रज क्षेत्र में 65 में से 49, अवध क्षेत्र में 81 में से 55, गोरखपुर में 65 में से 36 और काशी क्षेत्र में 71 में से 42 सीटें जीत रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.