लखनऊ : (मानवीय सोच) डिफेंस कॉरिडोर जमीन घोटाले में शामिल अफसर व नेताओं की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। राजस्व के विशेष अधिवक्ता ने खरीद-फरोख्त को त्रुटिपूर्ण बताते हुए विक्रय अनुमति को निरस्त करने की सिफारिश की है। इस पर एडीएम प्रशासन की ओर से किसानों से जमीन खरीदने वाले लोगों को नोटिस भेजा गया है। सभी से रिकवरी करने की पूरी तैयारी है। राजस्व अधिवक्ता ने विधिक कार्यवाही के लिए भी अर्जी दी है।
जिला प्रशासन की ओर से अब तक कुल 18 पक्षकारों को नोटिस भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि पूर्व में पारित आदेश से संबंधित पत्रावली में आप पक्षकार थे। ऐसे में नियत तिथि पर पेश होकर अपना पक्ष रखें, अन्यथा माना जाएगा कि आपको इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। सूत्रों का कहना है कि शासन के आदेश के बाद जांच में तेजी आई है। किसानों से गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराकर सरकार से मुआवजे के तौर पर मोटी रकम वसूलने वालों से रिकवरी होगी। नोटिस मिलने के बाद जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले कलेक्ट्रेट का चक्कर लगा रहे हैं।
