आगरा : (मानवीय सोच) सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य का पर्व दिवाली रविवार यानि आज है। यह कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है। इसी दिन धन की देवी महालक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। फैक्टरी से लेकर प्रतिष्ठान और घर से दुकान तक हर स्थान पर मां लक्ष्मी और प्रथम पूज्य गणपति का पूजन होगा। ज्योतिर्विद आशिमा शर्मा का कहना है कि यदि आप चाहते हैं कि इस दिवाली लक्ष्मी जी आपके घर में प्रवेश करें और उनका निवास आपके यहां स्थायी रूप से हो तो सिर्फ लक्ष्मी गणेश का पूजन न करें। लक्ष्मी जी के अधिपति भगवान विष्णु को भी पूजन का हिस्सा बनाएं, उन्हें पूजन में बैठाना न भूलें।
शाम 7:57 बजे से लेकर रात 10:10 तक (दुकान एवं प्रतिष्ठान में पूजन का समय) शाम को 5:24 बजे से लेकर 7:57 तक वृषभ लग्न (इस समय सभी को अपने घरों में पूजा करनी चाहिए।) अंतिम शुभ मुहूर्त अर्ध रात्रि में 12:28 से लेकर 2:45 तक सिंह लग्न में है। जिन लोगों की पूजा किसी कारण से तीन मुहूर्त में न हो पाए वो अंतिम शुभ मुहूर्त में पूजन कर सकते हैं।
