(मानवीय सोच) : भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने पुरुषों के लिए इंजेक्शन से ली जाने वाली दुनिया की पहली गर्भनिरोधक दवा का क्लीनिकल परीक्षण पूरा कर लिया है. परीक्षण से पता चला है कि यह बिना किसी गंभीर दुष्प्रभाव के सुरक्षित और काफी प्रभावकारी है. तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण का निष्कर्ष पिछले महीने ‘एंड्रोलॉजी जर्नल’ में प्रकाशित हुआ है. परीक्षण में 25-40 वर्ष की आयु के 303 प्रतिभागी शामिल हुए थे. बहु-केंद्र वाले अस्पताल-आधारित चरण-तीन के क्लीनिकल परीक्षण पांच अलग-अलग केंद्रों (नयी दिल्ली, उधमपुर, लुधियाना, जयपुर और खड़गपुर) में किए गए और आईसीएमआर, नयी दिल्ली द्वारा समन्वित किए गए. चरण-तीन के क्लीनिकल परीक्षण आयोजित करने की अनुमति भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) द्वारा दी गई थी और संबंधित केंद्रों की संस्थागत नैतिक समितियों द्वारा अनुमोदित की गई थी.
