मध्य प्रदेश : (मानवीय सोच) इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. जिसको लेकर सभी दल सियासी जोड़-तोड़ में जुटे हुए हैं. चंबल के बीहड़ में आतंक का पर्याय रहे डकैत मलखान सिंह बीते दो दिनों से चर्चा में हैं. मलखान सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया. जिसको लेकर सियासी गलियारों में मलखान सिंह सुर्खियों में हैं.
सरपंच की दुश्मनी ने बनाया बागी
मलखान सिंह बीहड़ के खूंखार डकैतों में से एक थे. उनका नाम सुनते ही लोग कांप उठते थे. मलखान सिंह के बागी बनने के पीछे एक लंबी कहानी है. जुल्म और प्रताड़ना का शिकार हुए मलखान सिंह ने हथियार उठा लिया. गांव के सरपंच से उनकी दुश्मनी ने मलखान को बागी बना दिया.
मलखान सिंह मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बिलाव गांव के रहने वाले हैं. कहा जाता है कि गांव के सरपंच से दुश्मनी और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उन्होंने बगावत का रास्ता चुना. कहा तो ये भी जाता है कि मलखान सिंह खुद को कभी डकैत कहलवाना पसंद नहीं करते थे. उनका कहना था कि वे बागी हैं.
