नई दिल्ली (मानवीय सोच) जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कोविंद पर बीजेपी (BJP) के राजनीतिक एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया है. मुफ्ती ने कहा कि बीजेपी के एजेंड़े को पूरा करने के लिए कई बार कोविंद ने देश के संविधान को ताक पर रख कर काम किया है.
आज सोमवार को संसद के सेंट्रल हॉल में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली और देश के राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार गृहण किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया गया.
देश की नई राष्ट्रपति के शपथ लेने के तुरंत बाद उनके पूर्ववर्ती राम नाथ कोविंद पर महबूबा मुफ्ती ने निशाना साधा. महबूबा ने कहा, “निवर्तमान राष्ट्रपति एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जहां भारतीय संविधान को पंद्रहवीं बार कुचला गया था. चाहे वह अनुच्छेद 370, सीएए को खत्म करना हो या अल्पसंख्यकों और दलितों को बेधड़क निशाना बनाना हो, उन्होंने भारतीय संविधान की कीमत पर बाजेपी के राजनीतिक एजेंडे को पूरा किया.”
कोविंद के बचाव में उतरे किरेन रिजिजू
केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने महबूबा की टिप्पणियों को खारिज किया है. रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “हमें गलत तरीके से दिए गए हर किसी के बयान को महत्व नहीं देना चाहिए.
The outgoing President leaves behind a legacy where the Indian Constitution was trampled upon umpteenth times. Be it scrapping of Article 370,CAA or the unabashed targeting of minorities & Dalits, he fulfilled BJPs political agenda all at the cost of the Indian Constitution.
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) July 25, 2022
मुफ्ती ने अपने ट्विट में क्या लिखा
मुफ्ती ने अपने ट्विट में लिखा, “निवर्तमान राष्ट्रपति अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जहां भारतीय संविधान को पंद्रहवीं बार कुचला गया था. चाहे वह अनुच्छेद 370, सीएए को खत्म करना हो या अल्पसंख्यकों और दलितों को बेधड़क निशाना बनाना हो, उन्होंने भारतीय संविधान की कीमत पर भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को पूरा किया.”
