लखनऊ : (मानवीय सोच) घर से लेकर बाजार तक इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में प्याज, टमाटर के बढ़े भाव हैं। इसके लिए मौसम और पैदावार में देरी के साथ बाजार की मनमानी भी जिम्मेदार है। पहले से वीआईपी चल रही अदरक के दाम 150 रुपये किलो से नीचे नहीं आ रहे हैं। इससे परेशान जनता की टेंशन प्याज, टमाटर की चढ़ी कीमत ने बढ़ा दी है।
कुछ समय पहले प्याज की फुटकर कीमतें शहर के सभी इलाकों में एक साथ बढ़ीं और 60 रुपये तक पहुंच गईं। पुराना शहर, बाराबिरवा, आलमबाग में 60-70 रुपये किलो में प्याज बिक रहा है, जबकि हजरतगंज गोमतीनगर जैसे पॉश इलाकों में यह 80-85 रुपये किलो में मिल रहा है। टमाटर की कीमत 40-50 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं, थोक मंडी में प्याज की कीमत 55- 60 रुपये तो टमाटर की 15 से 20 रुपये किलो है।
नरही हो या भूतनाथ या फिर आलमबाग की बाराबिरवा सब्जी मंडी, शायद ही कोई ऐसा खरीदार हो जो यह न पूछे कि प्याज, टमाटर इतना महंगा क्यों हो गया? इस पर दुकानदार यही जवाब देते हैं कि कुछ दिनों से, हमें मंडी से महंगा मिल रहा है।
