‘भोले बाबा’ के आलिशान आश्रम की पुलिस टीम ने ली तलाशी

उत्तर प्रदेश में हाथरस हादसे के बाद से ही बवाल मचा हुआ है. यूपी सरकार भी इस मामले को लेकर पूरे एक्शन में नजर आ रही है. ‘भोले बाबा’ के सत्संग में हुई भगदड़ की जांच के लिए एक रिटायर हाई कोर्ट के जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय ज्यूडिशियल पैनल का गठन किया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने नारायण साकार हरि उर्फ ​​भोले बाबा की तलाश तेज कर दी है. इसी कड़ी में बाबा के आलिशान आश्रम की भी तलाशी ली गई सत्संग में हुई भगदड़ में 121 से ज्यादा लोग मारे गए.

इस ज्यूडिशियल पैनल में आईएएस अधिकारी हेमंत राव और भावेश कुमार भी शामिल हैं. पैनल इस संभावना पर भी गौर कर रही है कि भगदड़ के पीछे एक ‘साजिश’ थी. इसे लेकर वह दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगा. ‘सत्संग’ के आयोजकों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई है, जिसमें जिसमें गैर इरादतन हत्या और सबूत नष्ट करने के आरोप शामिल हैं. हाथरस भगदड़ त्रासदी के बाद बाबा सूरज पाल उर्फ ​​नारायण साकार हरि को लेकर काफी बातें सामने आ रही हैं. बाबा को 23 साल पहले आगरा में गिरफ्तार किया गया था. उसे अपनी गोद ली हुई बेटी को पुनर्जीवित करने के लिए जादुई शक्तियों के मालिक होने का दावा करने के लिए गिरफ्तार किया गया था.