मेरठ : (मानवीय सोच) विकास प्राधिकरण को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की कोशिश लगातार जारी है। शुक्रवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई कार्रवाई के तहत तीन कर्मचारियों पर गाज गिरी। रिश्वत मांगने पर मेडा उपाध्यक्ष ने लेखा लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अवर अभियंता के खिलाफ जांच के आदेश दिए। एसएसपी को पत्र लिखकर रिपोर्ट दर्ज कराने की सिफारिश की है। इसके अलावा कार्य में ठिलाई बरतने के आरोप में एक मेट को भी निलंबित कर दिया गया है।
मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि सूर्य प्रसाद गुप्ता को पल्लवपुरम में संपत्ति का कब्जा प्रमाण पत्र देने के लिए अवर अभियंता शिव कुमार लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे। इसकी शिकायत पर दोनों को आमने-सामने बुलाकर वार्ता की गई। केंद्रीय सेवा के अंतर्गत आने के कारण उनके निलंबन का अधिकार शासन का है। इसके अलावा चालक रमेश चंद्र ने वीआरएस के लिए आवेदन किया था। लेखा लिपिक अनवर सिद्दीकी उनकी फाइल के निस्तारण के लिए रिश्वत की मांग कर रहे थे। रमेश चंद्र की शिकायत पर पूछताछ की गई।
