महाराष्ट्र के मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कैटेगरी में आरक्षण दिलाने की मांग करते हुए अनशन शुरू कर दिया है. यह अनशन छत्रपति संभाजीनगर से लगभग 75 किलोमीटर दूर जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में 17 सितंबर की आधी रात से शुरू हुआ
जरांगे की मांग है कि मराठा समुदाय को ओबीसी कैटेगरी के तहत आरक्षण दिया जाए और कुनबी समुदाय को मराठा समुदाय के ‘सगे सोयरे’ के रूप में मान्यता देने वाली नोटिफिकेशन का इंप्लीमेंटेशन किया जाए उनकी अन्य मांगों में मराठा आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, ओबीसी और एसईबीसी के लिए सभी विकल्प खुले रखना शामिल हैं.
जरांगे की प्रमुख मांगें
1. मराठा समुदाय को ओबीसी श्रेणी में आरक्षण दिया जाए.
2. कुनबी और मराठा समुदाय को एक ही मानकर उनके लिए प्रमाण पत्र जारी किया जाए.
3. मराठा आंदोलन के दौरान जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, उन्हें वापस लिया जाए.
4. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), ओबीसी और एसईबीसी के लिए सभी विकल्प खुले रहें ताकि मराठा समुदाय के लोग उनमें से एक चुन सकें.
