उत्तर प्रदेश : (मानवीय सोच) एटा में लोगों के लिए खुशखबरी है। आने वाले समय में उन्हें आरबीसी, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स के लिए अन्य जिलों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। यह सब जल्द ही मेडिकल कॉलेज में मिलने लगेगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन को स्थापित कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि सीएमओ कार्यालय के पास बनी नई बिल्डिंग में ब्लड कंपोनेंट सेपरेट मशीन स्थापित करा दी गई है। अभी लाइसेंस नहीं मिला है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। लाइसेंस मिलते ही मशीन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन से खून से आरबीसी, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स अलग किया जा सकेंगे। जो अलग-अलग लोगों के काम आएंगे। एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। अभी तक प्लेटलेट्स सहित प्लाज्मा के लिए जिले के लोगों को आगरा और अलीगढ़ की दौड़ लगानी पड़ती है। यहां मशीन का संचालन शुरू होने के बाद लोगों को बाहर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
