लखनऊ नगर निगम के 4000 कर्मचारियों का वेतन रोका

नगर निगम के 4000 से ज्यादा कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। इससे नाराज कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। जुलाई महीने का वेतन अब कब आएगा इस बारे में भी कुछ कहा नहीं जा सकता है। चतुर्थ श्रेणी और सफाई कर्मचारियों का वेतन रोका गया चतुर्थ श्रेणी और अल्प वेतन भेगी कर्मचारियों के साथ ही सफाई कर्मियों का वेतन रोका गया है।

नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद वर्मा ने कहा कि मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का वेतन रोके जाने का आदेश नगर आयुक्त की ओर से नहीं दिया गया है। लेकिन ऑडिट आपत्तियों का निराकरण भी कराया जाना जरूरी है। बिना आदेश के अल्प वेतन भोगी कर्मचारियों का वेतन मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी की ओर से रोके जाने पर संघ ने घोर निंदा की है। तत्काल अल्प वेतन भोगी कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं करने की दशा में संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

कर्मचारियों के साथ गलत हुआ है नगर निगम एवं जल कल कर्मचारी संघ लखनऊ के अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने कहा कि यह गलत हुआ है। आम कर्मचारियों जिनका ऑडिट आदि मैटर से कोई लेना देना नहीं है उनका वेतन रोकना गलत है। उन्होंने लेखा विभाग सहित अन्य कर्मचारियों का वेतन रोके जाने की घोर निन्दा की है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति कैसे उत्पन्न हुई। उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गयी। प्रशासन पर लगातार एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया। कर्मचारी समाज की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।

संगठन ने मांग की है कि इस प्रकार की तुगलकी फरमान से कर्मचारी समाज परेशान हो रहा है। सफाई पर पड़ सकता असर सफाई कर्मचारियों का वेतन रोकने से शहर की सफाई व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। पिछले दो साल से लखनऊ नगर निगम वैसे भी स्वच्छता रैकिंग में काफी पीछे आ रहा है। इस बार की रैंकिंग में 44वें स्थान पर था। जबकि एक समय नगर निगम 11वें स्थान पर था। ऐसे में अगर वेतन जल्द नहीं आया तो सफाई कर्मचारी काम बंद कर सकते है। इससे पूरे शहर में गंदगी फैल जााएगी।