लखनऊ में ब्लैकमेलिंग से परेशान व्यापारी ने जान दी

लखनऊ के एक कारोबारी ने सोमवार सुबह फांसी लगाकर जान दे दी। परिवार को लोग सुबह दुकान में पहुंचे तो शव फंदे पर लटकता मिला। घरवाले फंदे से उतार कर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दुकान की तलाशी ली, तो एक सुसाइड नोट मिला। घटना मॉडल हाउस इलाके की है। परिजनों ने सुसाइड नोट के आधार पर अमीनाबाद थाने में तहरीर दी है। बरामद सुसाइड नोट में व्यापारी संजय अग्रवाल (52) पुत्र बासुदेव प्रसाद अग्रवाल ने एक शख्स पर रकम लेकर वापस न करने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर शख्स को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सुसाइड नोट में लिखा है- ध्रुव साहू लगातार धमकी देता है और बेइज्जत करता है। मैंने जो कर्ज लिया उसका जिम्मेदार मैं हूं, परिवार नहीं।।

अपनी परचून की दुकान में लगाई फांसी पुलिस ने बताया, सोमवार सुबह संजय ने अपने घर के बाहर परचून की दुकान में फांसी लगा ली। परिवार के लोग संजय को लेकर अस्पताल गए लेकिन बचाया नहीं जा सका। संजय अपने परिवार के साथ रहते थे। फैमिली में पत्नी के अलावा एक बेटा और भाई भी है। वह अपनी परचून की दुकान चलाते थे और वहीं फांसी लगाई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने ने दुकान से सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह क्लियर होगी। फिलहाल हम सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अब जानते हैं सुसाइड नोट में क्या लिखा है सुसाइड नोट में लिखा है- मैं पूरे होश हवास में लिख रहा हूं कि ध्रुव साहू पता दुर्गा खस्ता र्कानर लाटूस रोड मेरे रुपए वापस नहीं कर रहा है। रुपए मांगने गया तो उल्टा मेरे ऊपर लाखों का कर्ज बता दिया। मेरे ऊपर कर्ज हो गया है। ध्रुव साहू के लगातार धमकाने और बेइज्जती करने से काफी परेशान रह रहा हूं। मेरे द्वारा लिए गए कर्ज के लिए मैं जिम्मेदार हूं। मेरा परिवार जिम्मेदार नहीं है। व्यापारी के सुसाइड करने की जानकारी मिलते ही दुकान के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। वीडियो बनाकर ब्लैंक चेक लेने का आरोप सुसाइड नोट में संजय ने लिखा कि ध्रुव साहू के पास उनका एक वीडियो है, जिसे वह वायरल कर देगा। जिससे मेरे परिवार की छवि धूमिल हो रही। ध्रुव ने मुझसे कई ब्लैंक चेक भी ले लिए हैं। ध्रुव साहू किसी का साथी नहीं, उसने मुझे फंसाया और समाज का कर्जदार बनाया। यहीं तक लिखना था।