बाराबंकी : (मानवीय सोच) लव मैरिज करने के बाद ससुरालियों ने विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया। जब वह गर्भवती हो गई तो पति ने इस बात का सबूत मांगा कि पेट में पल रहा बच्चा उसी का है। ऐसा न होने पर तीन तलाक दे दिया। शहर कोतवाली में सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
धीरे-धीरे पति मो. अकरम ने भी दहेज में बाइक और दो लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। इस दौरान विवाहिता गर्भवती हो गई तो पति ने इस बात का सबूत मांगा कि बच्चा उसी का है। बीते 9 जून को पति व ससुरालजनों ने उसे मारपीट कर घर से भगा दिया। इसी 8 जुलाई को विवाहिता को शरई तलाक का नोटिस मिला जिसमें तीन बार तलाक देता हूं, लिखा था।
शहर कोतवाल संजय मौर्य ने बताया कि विवाहिता की तहरीर पर पति ससुर व अन्य ससुरालीजनों समेत आठ लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों में पांच महिलाएं हैं। मामले की छानबीन की जा रही है।
