कानपुर (मानवीय सोच) बहुचर्चित बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे सहित 171 लोगों के असलहे के लाइसेंस की फाइल किसने गायब की? इस सवाल का जवाब अब तक साफ नहीं हो पाया है लेकिन इस बीच कानपुर के डीएम ने आजादी के बाद से अब तक बने 41 हजार लाइसेंसों की जांच का आदेश देकर गड़बड़झाला करने वालों में हड़कंप मचा दिया है।
माना जा रहा है कि कानपुर कलेक्ट्रेट में असलहा फर्जीवाड़ा समेत अन्य गोलमाल करने वाले अब जल्द बेनकाब हो जाएंगे। एसआईटी के निर्देश पर डीएम ने यह आदेश दिया है। इसके लिए बकायदा चार मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। 10 कंप्यूटर लगाए जा रहे हैं। सोमवार से जांच शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि कानपुर में विकास दुबे सहित 171 असलहा लाइसेंसों की फाइल गायब हो चुकी है। इस मामले में पिछले दिनों असलहा बाबू को बर्खास्त कर दिया गया था। गौरतलब है कि दो जुलाई 2020 को विकास दुबे ने अपने अवैध हथियारों से बिकरू गांव में एक साथ आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी।
कानपुर में असलहा लाइसेंस फर्जीवाड़ा खुलने के बाद हड़कंप मचा है। फर्जीवाड़ा व कमियां मिलने पर पूर्व डीएम आलोक तिवारी ने एसआईटी जांच की संस्तुति की थी। एसपी एसआईटी देवरंजन वर्मा के नेतृत्व में कमेटी जांच कर रही है। एसआईटी भी शहर आ पड़ताल कर चुकी। प्रशासन से फिर लाइसेंस की जांच करके रिपोर्ट मांगी है। कलेक्ट्रेट के स्टोर रूम से लाइसेंस की फाइलें निकाली जाएंगी। डीएम ने एसआईटी के जानकारी मांगने की बात कही।
निर्धारित फॉर्मेट पर देनी होगी जानकारी
एसआईटी ने निर्धारित फॉर्मेट भेजकर पूरी जानकारी प्रशासन से मांगी है। इसमें असलहा लाइसेंसधारी का नाम-पता, पिता का नाम, असलहे का प्रकार, थाना, स्वीकृत करने वाले अफसर, उनका पदनाम व तैनाती और सेवानिवृत्त की बात है।
इस तरह हो चुका असलहा लाइसेंस फर्जीवाड़ा
93 फर्जी शस्त्रत्त् लाइसेंस बनाए जा चुके
171 विकास दुबे समेत असलहा लाइसेंस की फाइलें गायब हो चुकीं
21 फर्जी ट्रांजिट लाइसेंस के जरिए कलेक्ट्रेट से असलहा व कारतूस बेचे जा चुके
एक साल पहले भी हो चुकी जांच
एक साल पहले भी कलेक्ट्रेट में शस्त्र लाइसेंस की जांच हो चुकी है। उस वक्त फर्जीवाड़ा मिलने के बाद ही आलोक तिवारी ने एसआईटी जांच की संस्तुति की थी। टीम ने यहां आकर एक-एक असलहा लाइसेंस फाइलों की जांच की थी।
ये मजिस्ट्रेट करेंगे जांच
राजेश कुमार एसीएम प्रथम
जियालाल सरोज एसीएम तृतीय
गुलाब चंद्र एसीएम चतुर्थ
वान्या सिंह एसीएम पष्ठम
