कोलकाता (मानवीय सोच) पश्चिम बंगाल के विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने बुधवार को बीजेपी विधायक मुकुल रॉय को अयोग्य घोषित करने की विपक्ष की याचिका को खारिज कर दिया है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा अध्यक्ष से मुकुल रॉय को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए अयोग्यता याचिका दायर की थी। बिमान बनर्जी ने कहा कि उन्हें याचिकाकर्ता के तर्क में कोई तथ्य नहीं मिला। इसी के साथ बनर्जी ने इस मामले पर अपना पिछला फैसला बरकरार रखा है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 11 अप्रैल को अध्यक्ष के पहले के आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें अधिकारी की ओर से राय को दलबदल के आधार पर सदन के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी। इसके साथ ही मामले पर फिर से विचार करने को कहा गया था।
विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा, मैंने दोनों पक्षों को सुना, याचिकाकर्ता की ओर से बताए गए पहले के फैसलों पर विस्तार से चर्चा की और फिर इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि याचिकाकर्ता अपने तर्क को साबित करने में विफल रहा है। उन्होंने याचिकाकर्ता ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। मैंने उन सबूतों पर ध्यान दिया, जो आरोप साबित करने में विफल रहे।’
क्या कहा बिमान बनर्जी ने?
विधानसभा में अपने फैसले के बारे में बताने के बाद मीडिया से बात करते हुए बिमान बनर्जी ने कहा यह कानून का मामला है और उन्होंने इस मुद्दे पर और कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। टीएमसी सूत्रों ने कहा कि अध्यक्ष के आदेश का मतलह यह हुआ है कि कृष्णानगर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले रॉय भाजपा विधायक बने रहेंगे।
चुनाव बाद टीएमसी में हो गए शामिल
राय भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतने के करीब एक महीने बाद जून 2021 में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने सदन के सदस्य के रूप में इस्तीफा नहीं दिया। इसके बाद अधिकारी ने दलबदल विरोधी कानून के तहत अध्यक्ष के समक्ष उनके खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी।
