प्रयागराज : (मानवीय सोच) तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन में कॉरिडोर बनाने के मामले की सुनवाई मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान सेवायतों ने सरकार के सामने एक शर्त रख दी। हालांकि सरकार की तरफ से भी इस शर्त का तत्काल जवाब दिया गया। इससे सरकार के विजन पर संशय की स्थिति नहीं रह गई है।
वृंदावन में कॉरिडोर बनाए जाने का स्थानीय सेवायत शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई तो उन्हें भी अपना पक्ष रखने का मौका मिला। सेवायतों ने कहा कि सरकार हमें जमीन दे दे, हम मंदिर बना लेंगे। इसी नए मंदिर में श्रीबांके बिहारी जी को स्थापित कर लेंगे।
सेवायतों के इस बयान से कुछ समय के लिए तो लगा कि बात फंसेगी। लेकिन, सरकार का विजन साफ है। सरकार की तरफ से इस पर आपत्ति उठाई गई। साफ शब्दों में कहा गया कि किसी भी हालत में मंदिर को शिफ्ट नहीं किया जा सकता है। यानी सरकार ने इस प्रस्ताव को मना कर दिया। अब अगली सुनवाई में अन्य बिंदुओं के साथ बात आगे बढ़ेगी।
