सपा की रैली में अखिलेश का नाम लेना ही भूल गए नेता जी

मैनपुरी (मानवीय सोच) उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण के चुनावों के प्रचार के लिए अब सिर्फ कुछ ही घंटों का समय बचा है. ऐसे में अब जिग्गज नेताओं का इन क्षेत्रों में आना आम बात है. मैनपुरी जिले में भी 20 फरवरी को ही वोट डाले जाएंगे. ऐसे में मैनपुरी की करहल सीट  से चुनाव लड़ रहे अखिलेश यादव के प्रचार के लिए गुरुवार को पहली बार समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी मैदान में उतरे.

जोश से लबालब नेता जी का भाषण 

लंबे समय बाद चुनावी सभा में आए मुलायम के जोश में कोई कमी नहीं थी, लेकिन उनकी आवाज में अब उम्र का असर जरूर दिखा. उन्होंने करहल में जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव के लिए वोट मांगा. नेताजी ने किसानों, नौजवानों और व्यापारियों की तरक्की को देश की मजबूती के लिए जरूरी बताया. हालांकि, इस दौरान वह अखिलेश को जितवाने की अपील करना भूल गए और भाषण को खत्म करने लगे तो धर्मेंद्र यादव को उन्हें याद दिलाना पड़ा.

नेता जी का गढ़ है मैनपुरी

करहल में आयोजित सभा में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर सपा संस्थापक बेहद गदगद दिखाई दिए. उन्होंने अपने भाषण में कई बार भारी भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों लोग उम्मीद के साथ यहां आए हैं. उनकी उम्र काफी ज्यादा हो चुकी है इसलिए वह अब चुनावों में ज्यादा सक्रिय नहीं दिख रहे हैं. मैनपुरी का मुलायम का गढ़ कहा जाता है और इसीलिए अखिलेश ने मैनपुरी की करहल विधान सभा को चुना है. यही वजह है कि अब अपने बेटे को जनता का आशीर्वाद दिलाने के लिए खुद नेता जी को मैदान में उतरना पड़ा है.

मंच से की किसान, नौजवान और व्यापारी की बात

उन्होंने भरोसा दिया कि सपा लोगों की उम्मीदों को टूटने नहीं देगी. मुलायम ने कहा, ‘सपा की नीतियां हैं कि किसानों को प्राथमिकता दी जाए, खाद बीज और सिंचाई का साधन उपलब्ध कराया जाए. पैदावार बढ़ेगी तो किसानों की हालत सुधरेगी. व्यापारियों को भी सुविधा दी जाए ताकि वह किसानों की पैदावार खरीदे. लाखों नौजवानों को नौकरी-रोजगार दिलाने की जरूरत है. किसान नौजवान और व्यापारी ये तीन मिलकर ही देश को मजबूत बनाएंगे.

‘जो भी उम्मीदवार हो जितवा देना’

मुलायम सिंह यादव का पूरा भाषण किसानों, व्यापारियों और नौजवानों पर केंद्रित रहा. उन्होंने कई बार दोहराया कि सपा सरकार इनके लिए काम करेगी, क्योंकि इनकी खुशहाली से ही देश मजबूत होगा. जनता को आभार जताते हुए मुलायम अपने भाषण को खत्म करने की ओर बढ़ने लगे तो पास में ही खड़े सांसद धर्मेंद्र यादव ने पर्ची पकड़ाते हुए उनके कान में कहा, वोट मांगिए.

अपने बेटे को ही भूल गए मुलायम

इतना सुनकर खुद मुलायम सिंह यादव और आसपास खड़े सभी लोग हंसने लगे. हालांकि, मुलायम सिंह एक पल के लिए करहल के प्रत्याशी और अपने बेटे अखिलेश का नाम भी भूल गए और कहा कि जो भी यहां उम्मीदवार हैं, उन्हें जिता देना. धर्मेंद्र ने फिर उनकी मदद की तो मुलायम ने कहा कि अखिलेश यादव को भारी मतों से जिता देना.

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