नई दिल्ली (मानवीय सोच) भीषण आर्थिक संकट और हिंसक प्रदर्शन से जूझ रहे श्रीलंका में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदर्शनकारियों का पीएम और राष्ट्रपति आवास पर कब्जा बरकरार है। उधर, राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे मालदीव से गुरुवार शाम सिंगापुर पहुंचे। समाचार एजेंसी एएफपी ने बताया कि राजपक्षे, उनकी पत्नी इओमा और दो अंगरक्षक सिंगापुर पहुंचे हैं। इस मामले में देश के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि श्रीलंकाई राष्ट्रपति शरण के तौर पर नहीं निजी दौरे के तहत सिंगापुर पहुंचे हैं।
श्रीलंका में भारी बवाल के बीच देश छोड़कर मालदीव भागे गोटबाया राजपक्षे सिंगापुर पहुंच चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, श्रीलंका में अनिश्चितकाल की स्थिति तक वे सिंगापुर में ही रहेंगे। सूत्रों ने कहा कि वह बाद में संयुक्त अरब अमीरात भी जा सकते हैं।
इस बीच, सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में गोतबाया राजपक्षे को शरण की बात से इनकार किया है। मंत्रालय ने कहा कि श्रीलंका के राष्ट्रपति निजी यात्रा के लिए पहुंचे हैं। मंत्रालय ने जोर देकर कहा, “उन्होंने शरण नहीं मांगी है और न ही उन्हें कोई शरण दी गई है। सिंगापुर आमतौर पर शरण के लिए अनुरोध स्वीकार नहीं करता है।”
बता दें कि मालदीव छोड़ते समय राजपक्षे को वहां रहने वाले श्रीलंकाई लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था, जिन्होंने मालदीव सरकार से ‘अपराधियों’ की सुरक्षा नहीं करने की मांग की थी। देश के मुख्य विपक्षी दल प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव्स ने भी राजपक्षे की एंट्री पर मालदीव सरकार को निशाने पर लिया था।
पीपीएम के एक नेता ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, “हम राजपक्षे को स्वीकार करके श्रीलंका में अपने दोस्तों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं, जो उस देश में नफरत का पात्र है।”
