वाराणसी : (मानवीय सोच) कहीं लड्डुओं का मंदिर तो कहीं 56 भोग की झांकी सजी। कहीं पूड़ी कचौड़ी तो कहीं खिचड़ी का भोग लगा। आज अन्नकूट पर शहर के मंदिरों का नजारा ही अलग दिखा। काशीपुराधिपति के धाम से लेकर मां अन्नपूर्णा के आंगन तक अन्नकूट की अद्भुत और अनोखी झांकियां सजाई गईं।
आज अन्नकूट पर्व के साथ धनतेरस के दिन खुले स्वर्णमयी अन्नपूर्णा मंदिर के कपाट भक्तों के लिए अगले साल धनतेरस तक के लिए बंद हो जाएंगे। मंगलवार को अन्नकूट की झांकी सजाई गई है। इसे देखने व अन्नकूट प्रसाद के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शहर भर के मंदिरों में एक लाख किलो से ज्यादा अन्नकूट का भोग चढ़ाया जा रहा है।
संपूर्ण विश्व को अन्न धन का वरदान देने वाली मां अन्नपूर्णा के दरबार से अन्नकूट महोत्सव की शुरुआत हो गई है। इसके बाद बाबा विश्वनाथ, महामृत्यंजय, गोपाल मंदिर, मणिमंदिर, राम जानकी मंदिर, काल भैरव, दुर्गा मंदिर, बटुक भैरव, कालिका मंदिर, अक्षयवट हनुमान मंदिर, विशालाक्षी देवी मंदिर, नए विश्वनाथ मंदिर सहित सभी छोटे-बड़े मंदिरों में अन्नकूट की झांकी सज रही है। अन्नपूर्णा मंदिर में 501 क्विंटल कच्चा-पक्का भोग अर्पित किया जाएगा।
