लखनऊ (मानवीय सोच) अमौसी के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर चेकिंग में बुधवार को पकड़े गये युवक के पास से सेटेलाइट फोन बरामद हुआ था। देर रात को आईबी और एटीएस की टीम के पूछताछ में सामने आया कि यह सेटेलाइट फोन अबू धाबी के बड़े कारोबारी खलदून खलीफा अल मुबारक का है। इस फोन को लेकर उनका नौकर कुलदीप वृंदावन 20 जून को उत्तर प्रदेश में लेकर आया था। पुलिस व आईबी व एटीएस जांच कर रही हैं कि सेटेलाइट फोन किस काम से लेकर आया था।
डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक के मुताबिक बुधवार को एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की फ्लाइट से मुंबई जा रहे उन्नाव के कुलदीप को सीआईएसएफ ने पकड़ा था। उसके पास से सेटेलाइट फोन बरामद हुआ था। इस मामले में एयरपोर्ट सुरक्षाकर्मी विपुल कुमार की तहरीर पर केस दर्ज किया गया। देर रात को सेटेलाइट फोन के संबंध में सुरक्षा एजेंसियां आईबी, एटीएस सहित ने पूछताछ की। जिसमें कई राज सामने आये। पूछताछ में सामने आया कि वह खलदून खलीफा का नौकर है। अबू धाबी स्थित घर में इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। वह 20 जून को छुट्टी लेकर उन्नाव आया था। इस दौरान वह मालिक का बैग लेकर चला आया। जिसमें ये फोन रखा था। आरोपी ने पूछताछ में कुबूल किया उसने अपने मालिक का सेटेलाइट फोन 20 जून को लेकर यूपी आया था। बृहस्पतिवार को आरोपी कुलदीप को कोर्ट के सामने पेश कर जेल भेज दिया गया। वहीं इस फोन की जांच केलिए फोरेंसिक व तकनीकी टीम को लगाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खलदून खलीफा का नौकर है आरोपी
एयरपोर्ट पर सेटेलाइट फोन के साथ पकड़ा गया आरोपी युवक कुलदीप अबू धाबी के बड़े कारोबारी खलदून खलीफा अल मुबारक का नौकर है। पूछताछ में उसने सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि फोन खलदून खलीफा का ही है। खलदून खलीफा मैनचेस्टर सिटी फुटबाल क्लब यूएई और मुंबई के चेयरमैन भी है। एक महीने पहले यूपी आया था। एयरपोर्ट पर सेटेलाइट फोन बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई। उन्होंने आईबी व एटीएस की टीम तत्काल सरोजनीनगर थाने पहुंची। देर रात तक कुलदीप से पूछताछ चलती रही। आईबी की टीम यह पता लगा रही है कि एक महीने के दौरान इस सेटेलाइट फोन का प्रयोग कहां और कब किया गया है। कुलदीप ने एजेंसियों के अधिकारियों को बताया कि वह दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा था। वहां से सड़क मार्ग से उन्नाव आया था। उसके बैग में ही सेटेलाइट फोन था। दिल्ली एयरपोर्ट पर भी इस बात की पुष्टि के लिए टीम लगाई गई है कि वहां चेकिंग में आखिर सेटेलाइट फोन क्यों नहीं पकड़ा गया। इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रिपोर्ट मांगी है।
