नई दिल्ली (मानवीय सोच) घर में लगा वाई-फाई अब पहले जितना सेफ नहीं रहा। वर्क फ्रॉम होम के कारण आजकल बड़ी संख्या में यूजर अपने घरों में ब्रॉडबैंड कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ब्रॉडबैंड कनेक्शन के जरिए यूजर्स को हाई स्पीड इंटरनेट के साथ ज्यादा डेटा भी मिलता है। एक तरफ वाई-फाई जहां यूजर्स की लाइफ को आसान बनाने का काम कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह हैकर्स का नया हथियार भी बन गया है। Lumen Technologies की रिपोर्ट के अनुसार हैकर्स आजकल ZuoRAT नाम के मैलवेयर से वाई-फाई राउटर्स को अटैक करके यूजर्स के कंप्यूटर और मोबाइल के डेटा को चोरी कर रहे हैं। चिंता की बात यह है कि यह मैलवेयर बड़ी चालाकी से अपना काम करता है और यूजर्स को इसकी भनक तक नहीं लगती।
नामी कंपनियों के राउटर्स पर अटैक
ल्यूमेन टेक्नॉलजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह मैलवेयर आसुस, सिस्को, ड्रेटेक और नेटगियर जैसी नामी कंपनियों के राउटर्स को अटैक कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार यह मैलवेयर टारगेट किए गए वाई-फाई नेटवर्क पर बिना पकड़ में आए काफी सालों से मौजूद रह सकता है। राउटर अटैक्स काफी आम होते हैं, लेकिन इस मैलवेयर का स्ट्रक्चर काफी टॉप लेवल का है और माना जा रहा है कि इसे देश के बाहर से नेटवर्क्स पर भेजा जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार मैलवेयर नेटवर्क पर मौजूद इन्फर्मेशन को ऐक्सेस करने से पहले राउटर्स को अटैक करता है। इसके बाद हैकर्स बड़ी आसानी से यूजर्स के विंडोज, macOS या Linux डिवाइस को ऐक्सेस कर पाते हैं। इस मैलवेयर में चार कंपोनेंट्स हैं और इसी कारण इसे डिटेक्ट करना भी मुश्किल है।
ऐसे रखें वाई-फाई राउटर्स को सेफ
हैकिंग अटैक के बढ़ते खतरे को देखते हुए जरूरी है कि अपने राउटर्स को सेफ रखा जाए। इसके लिए आप समय-समय पर राउटर को रीबूट किया करें। साथ ही राउटर्स के लिए आए सिक्योरिटी अपडेट और पैचेज को भी इंस्टॉल करें। अगर आपके राउटर में लेटेस्ट सिक्यॉरिटी अपडेट इंस्टॉल रहेगा, तो इसके हैक होने का खतरा काफी हद तक कम जाएगा। इसके अलावा विंडोज और Linux यूजर ऐंटी-मैलवेयर प्रोटेक्शन सर्विस को भी यूज कर सकते हैं।
