लखनऊ : (मानवीय सोच) सीएम योगी की कड़ी ताकीद है कि अवैध खनन करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर नकेल कसी जाए। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पर ऐसा लगता है कि जिलों में बैठे कुछ अफसरों को ये सबक समझ नहीं आ रहा है। इसकी बानगी है मुरादाबाद। जहां अवैध खनन को लेकर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। ये सवाल उठाया है प्रशासनिक अफसर ने।
दरअसल, नियमानुसार अवैध खनन के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी पुलिस को तहसील स्तरीय टास्क फोर्स को देना अनिवार्य होती है। पर इलाके की पुलिस द्वारा इस नियम की अनदेखी की गई तो एसडीएम ठाकुरद्वारा ने प्रभारी निरीक्षक को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया। सोशल मीडिया पर ये नोटिस वायरल है।
आपके द्वारा 1-090-2023 को अवैध परिवहन/ खनन में 20 से 22 डंपर (वाहनों ) पर कार्यवाही की गई। जो तहसील क्षेत्र स्थित सिंह ढाबा पर खड़े हुए हैं, जैसा कि आपको विदित है कि अधोहस्ताक्षरी को डीएम द्वारा गठित टास्क फोर्स समिति का अध्यक्ष नामित किया गया है। जिसके आप सदस्य हैं। किसी भी कार्यवाही से संबंधित सूचना तहसील स्तरीय गठित टास्क फोर्स समिति के संज्ञान में लाया जाना आवश्यक था।
