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आजमगढ़ लोकसभा उप-चुनाव से पहले सपा को जोरदार झटका

लखनऊ (मानवीय सोच) आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव से पहले समाजवादी पार्टी को जोरदार झटका देते हुए उलेमा काउंसिल ने बसपा प्रत्याशी शाह आलम को समर्थन का ऐलान कर दिया है। उलेमा काउंसिल ने खुले तौर पर पूर्व विधायक व बसपा प्रत्याशी शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को उपचुनाव में समर्थन का ऐलान कर दिया है। चुनाव से तीन दिन पहले उलेमा काउंसिल के इस फैसले से समाजवादी पार्टी को जोरदार झटका लगया है क्योंकि उलेमा काउंसिल की मुसलमानों में अच्छी पकड़ है। अगर काउंसिल की अपील पर मुसलमानों के वोट बसपा प्रत्याशी की तरफ शिफ्ट हो जाते हैं तो सपा को इससे भारी नुकसान हो सकता है।

गौरतलब है कि साल 2009 में उलेमा काउंसिल का गठन हुआ था। गठन के बाद से ही उलेमा काउंसिल मुसलमानों पर जबर्रदस्त पकड़ रखती है। माना जाता है कि मुस्लिम वोट समाजवादी पार्टी का बेस है। सपा के लिए चिंता की बात ये है कि उलेमा काउंसिल के बसपा उम्मीदवार को समर्थन के बाद कहीं उसका वोटबैंक छिटककर बसपा की तरफ शिफ्ट ना हो जाए।

उलेमा काउंसिल का समर्थन मिलने के बाद बसपा प्रत्याशी शाह आलम ने कहा कि सपा के सभी लोग यहां चुनाव प्रचार के लिए आ रहे हैं। उन्होंने तंज करते हुए कि कि दुनिया में और भी लोग हैं, प्रचार के लिए उनको भी बुला लो लेकिन कोई फायदा नहीं होगा और इस बार आजमगढ़ में सपा का हारना तय है।

 

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