देश की सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश यानी सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल आज खत्म हो रहा है। देश के अगले मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना होंगे। डीवाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल बहुत ही दिलचस्प रहा है, क्योंकि उनका कार्यकाल लगभग दो साल का रहा है। वहीं आज अपने लास्ट वर्किंग डे पर सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर फैसला भी सुनाया और विश्वविद्यालय का माइनॉरिटी स्टेटस बरकरार रखा है।
“मैं भगवान के सामने बैठा और उनसे कहा कि उन्हें (अयोध्या-बाबरी भूमि विवाद का) समाधान ढूंढ़ने की जरूरत है” – यह हैं CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के शब्द, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्होंने राम जन्मभूमि मामले का फैसला कैसे सुनाया। यह शब्द बताते हैं कि मौजूदा CJI चंद्रचूड़ पॉलिटिकल मैसेज तैयार करने तथा देने में कितने माहिर हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या वह भी पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की तरह वह भी राजनीति में एंट्री लेंगे। फिलहाल, उन्होंने इसको लेकर किसी तरह का बयान नहीं दिया है।
जस्टिस चंद्रचूड़ को 2016 में प्रमोट कर सर्वोच्च न्यायालय भेजा गया था। सुप्रीम कोर्ट में अपने पूरे कार्यकाल के दौरान वो न केवल CJI बल्कि जस्टिस के तौर पर भी राजनीतिक विवादों को सुनने तथा उन पर फैसला देने से कभी नहीं कतराए। बॉम्बे हाईकोर्ट में कमर्शियल तथा रेग्युलेटरी मामलों की सुनवाई से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने तक अपने करियर में कई उतार-चढ़ावों से गुजरते हुए चंद्रचूड़ ने अपनी अहम भूमिका निभाई। आज 10 नवंबर को चीफ जस्टिस ऑडीवाई चंद्रचूड़ रिटायर होने के बाद देश के अगले चीफ जस्टिस जस्टिस संजीव खन्ना होंगे। ये आगामी 11 नवंबर यानी शुक्रवार को अपना पदभार संभालेंगे और देश के 51वें चीफ जस्टिस होंगे। वह कल शपथ लेंगे। इससे एक दिन पहले वर्तमान चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ 65 वर्ष की उम्र पूरी करने पर पद मुक्त हो जाएंगे। जस्टिस चंद्रचूड़ ने आठ नवंबर, 2022 को चीफ जस्टिस के रूप में पदभार ग्रहण किया था। जस्टिस खन्ना का प्रधान न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल 6 महीने से कुछ अधिक होगा और वह 13 मई, 2025 को रिटायर होंगे।
