लखनऊ : (मानवीय सोच) भारत की अखंडता, एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा पहुंचाने, काफ़िरों को जान से मारने और कानपुर के रिटायर्ड टीचर के हाथ में बंधे कलेवा से हिंदू पहचान सुनिश्चित करके हत्या करने के आरोपी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन आइएसआइएस के सदस्य आतिफ़ मुजफ्फर और मोहम्मद फ़ैसल को एटीएस/एनआईए के विशेष न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा ने दोषी ठहराया है। कोर्ट ने आरोपियों को सजा सुनाने के लिए 11 सितंबर की तारीख़ तय करते हुए आरोपियों को जेल से तलब किया है।
कोर्ट में एनआईए के विशेष लोक अभियोजक एमके सिंह ने बताया की इस मामले कि रिपोर्ट वादी अक्षय शुक्ला ने कानपुर के चकेरी थाने में 24 अक्तूबर 2016 को दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज कराकर बताया गया था की वादी के पिता रमेश बाबू शुक्ल स्वामी आत्मा प्रकाश ब्रह्मचारी जूनियर हाई स्कूल में तीस सालो से टीचर है। कहा गया कि 24 अक्तूबर 2016 को वादी के पिता रमेश बाबू स्कूल से वापस आ रहे थे तभी किसी ने उन्हें गोली मार दी। जिन्हें अस्पताल ले जया गया कहा उनकी मृत्यु हो गई।
