गोरखपुर : (मानवीय सोच) उद्यमी की व्हाट्सएप चैट ने लखनऊ के रीयल इस्टेट कारोबारी और एक जनप्रतिनिधि को मुसीबत में डाल दिया है। दोनों अब केंद्रीय जांच एजेंसी के रडार पर हैं। मामला 20 करोड़ रुपये के लेनदेन का है। बताया जा रहा है कि ये रुपये काली कमाई के हैं, जिन्हें अपार्टमेंट बनाने में खपाया गया है।
इस मामले में 14 जुलाई को लखनऊ में एक बड़े बिल्डर से पूछताछ हो चुकी है। जल्द ही सत्ताधारी दल के एक जनप्रतिनिधि से भी पूछताछ हो सकती है। शासन के निर्देश पर राज्य की एक जांच एजेंसी ने गोरखपुर मंडल के संबंधित उद्यमी का रिकाॅर्ड भी खंगाला है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, गोरखपुर में छापे के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम ने कई जगह छानबीन की थी। उसी दौरान शहर के एक बड़े उद्यमी, लखनऊ के एक बड़े बिल्डर और सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि के बीच 20 करोड़ रुपये लेन-देन का एक व्हाट्सएप चैट पकड़ में आया था। इसके बाद टीम ने नामी उद्यमी, बिल्डर समेत कई हस्तियों का रिकॉर्ड भी खंगाला था। चार दिन तक लिखापढ़ी चली।
