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आयुष्मान खुराना की कविता सुनकर भर आएंगी आपकी आंखें

कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना ने कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता के बीच एक कविता सुनाई, जिसे सुन हर कोई सिहर उठेगा। इस कविता का शीर्षक है- काश! मैं भी लड़का होती। आयुष्मान ने इस कविता को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है।

मैं भी बिना कुंडी लगाकर सोती, काश मैं भी लड़का होती।
झल्ली बनकर दौड़ती उड़ती सारी रात दोस्तों के साथ फिरती,
काश मैं भी लड़की होती।
कहते सुना है सबको कि लड़की को पढ़ाओ-लिखाओ सशक्त बनाओ।
और जब पढ़-लिखकर डॉक्टर बनती तो मेरी मां ना खोती उसकी आंखों का मोती,
काश मैं भी लड़का होती।
36 घंटे का कार्य दुश्वार हुआ, बहिष्कार हुआ, बलात्कार हुआ, पुरुष के वहशीपन से साक्षात्कार हुआ।
काश! उन पुरुषों में भी थोड़े से स्त्रीपन की कोमलता होती।
काश मैं ही लड़का होती।
कहते हैं सीसीटीवी नहीं था, होता भी तो क्या होता।
एक पुरुष सुरक्षाकर्मी जो उस पर नजर रखता, उसकी नजर भी कितनी पाक होती?
काश में एक लड़का होती।
अगर मैं एक लड़का होती शायद आज मैं भी जिंदा होती।

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