बहराइच : (मानवीय सोच) गरीबों को पक्का मकान देने के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इसमें जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। इसका खुलासा सरकार द्वारा स्वीकृत आवासों के क्रॉस सत्यापन में हुआ है। बीते सात सालों में 852 ऐसे लाभार्थी मिले हैं, जिन्होंने रसूख व जुगाड़ के दम पर योजना का लाभ ले लिया था। हालांकि शासन के निर्देश पर अधिकारियों ने सभी अपात्रों से 4.39 लाख की शत प्रतिशत वसूली भी कर ली है।
बहराइच जिले में बीते आठ सालों में 1, 80, 843 लाभार्थियों के प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 1,54,180 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका आवासी पूरा हो गया है। वहीं 2501 लाभार्थियों के मुख्यमंत्री आवास स्वीकृत हुए थे, जिसमें से 2365 लोगों के आवास बन भी चुके हैं।
इनमें से कुछ तो ऐसे हैं, जिनका पक्का आवास बना हुआ और कई ऐसे हैं जिनके पास कई बीघे जमीन है। बावजूद इसके लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के साथ साठगांठ कर योजना का लाभ ले लिया। लेकिन सरकार द्वारा क्रॉस सत्यापन में सभी अपात्रों की धोखाधड़ी पकड़ में आ गई। इसके बाद निकाले गए 4.39 करोड़ रुपए की रिकवरी विभाग द्वारा की गई है।
