इकोनॉमी के लिए बुरी खबर : देश का व्यापार घाटा

नई दिल्ली   (मानवीय सोच) इकोनॉमी के मोर्चे पर एक बुरी खबर आई है। दरअसल, जून माह में व्यापार घाटा रिकॉर्ड 26.18 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। इसका मतलब ये हुआ कि जून महीने में भारत ने विदेशों से आयात ज्यादा किया है। इस वजह से विदेशी मुद्रा भंडार भरने की बजाए खाली ज्यादा हो रहा है, जो इकोनॉमी के लिए ठीक नहीं है। आपको बता दें कि जून के आखिरी सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.008 अरब डॉलर घटकर 588.314 अरब डॉलर रह गया था।

क्या कहते हैं आंकड़े: जून, 2022 में वस्तुओं का निर्यात 23.52 प्रतिशत बढ़कर 40.13 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। वहीं, वस्तुओं का आयात सालाना आधार पर 57.55 प्रतिशत के उछाल के साथ 66.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे व्यापार घाटा बढ़कर रिकॉर्ड 26.18 अरब डॉलर हो गया है। जून, 2021 में व्यापार घाटा 9.60 अरब डॉलर रहा था।

तिमाही आधार पर क्या हाल: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में निर्यात 24.51 प्रतिशत बढ़कर 118.96 अरब डॉलर रहा है। वहीं इस दौरान आयात 49.47 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 189.76 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में व्यापार घाटा बढ़कर 70.80 अरब डॉलर हो गया, जो 2021-22 की पहली तिमाही में 31.42 अरब डॉलर था।

चालू खाता घाटा भी बढ़ने की आशंका: इस बीच, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी मासिक आर्थिक समीक्षा (एमईआर) में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान चालू खाता घाटे (सीएडी) में इजाफा हो सकता है। मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और सुस्त व्यापारिक निर्यात के बीच महंगा खाद्य और ऊर्जा वस्तुओं की वजह से आयात बिल बढ़ा है। इस वजह से चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *