शामली : (मानवीय सोच) महिलाओं के हाथ अब सिर्फ चूडियां पहनने और कंधा दुपट्टा संभालने के लिए ही नहीं है। बल्कि इन पर वह हथियारों को भी सजाने का शौक रखती हैं। शहर से लेकर गांव तक महिलाओं के पास शस्त्र लाइसेंस हैं। शामली जिले में इस समय 80 महिलाएं शस्त्र रखती हैं और 140 के आवेदन लंबित हैं।
शस्त्र लाइसेंस उन्हीं को जारी किया जाता है, जिनकी जान को खतरा हो या फिर वह अपराध प्रभावित क्षेत्र में रहते हों। पुलिस और राजस्व विभाग के साथ एलआईयू आदि विभागों की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी की स्वीकृति पर शस्त्र लाइसेंस जारी किया जाता है। पहले पुरुष ही शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करते थे, लेकिन पिछले करीब एक दशक में काफी बदलाव आया है, अब महिलाओं के आवेदन भी लगातार आ रहे हैं।
