# इस लड़के ने खड़ी कर दी ₹150 करोड़ की कंपनी : चाय बेचकर

नई दिल्ली : (मानवीय सोच)  बाकी माता-पिता की तरह अनुभव के माता-पिता भी चाहते थे कि उनका बेटा पढ़-लिखकर सरकारी नौकरी कर ले, इंजीनियर बन जाए। पिता का छोटा-मोटा कारोबार थे, लेकिन वो नहीं चाहते थे कि उनका बेटा बिजनेसमैन बने। पिता IAS बनाना चाहते थे,

इसलिए कोचिंग के लिए इंदौर तक भेजा। लेकिन, अनुभव के शरीर में तो एक कारोबारी का खून दौड़ रहा था। पिता के कहने पर उसने CA की तैयारी की, फिर IAS के लिए भी तैयारी शुरू की। मगर, दिल बार-बार कह रहा था कि कुछ अपना काम शुरू करें।

प्लान तो बना लिया, लेकिन बिजनेस करना किस चीज का है , यह तय नहीं हो पा रहा था। अनुभव और आनंद ने इसके लिए सर्वे करना शुरू किया। मोटरसाइकिल में 50 रुपये का पेट्रोल भरवाकर बाजार में घूमना शुरू किया। उन्होंने देखा कि सबसे ज्यादा लोग चाय के ठेले पर जमा होते हैं।