लखनऊ (मानवीय सोच) पारिजात अपार्टमेंट में चल रहे 5.50 करोड़ रुपये की लागत से आंतरिक कार्य पर सवाल उठे तो एलडीए ने ठेकेदार के 80 लाख रुपये के भुगतान को रुकवा दिया है। इस मामले की शिकायत पारिजात वेलफेयर सोसाइटी के सचिव समर विजय सिंह ने 15 जुलाई को एलडीए सचिव पवन कुमार गंगवार से लिखित रूप से की थी।
उन्होंने एमके बिल्डर्स के विनोद सिंह के द्वारा पारिजात अपार्टमेंट में कराए गए कार्य का भौतिक सत्यापन कराने की आवाज उठाई है। उनका आरोप कि पारिजात अपार्टमेंट कई ठेकेदारों के द्वारा कार्य कराए जा रहे हैं। मगर, ठेकेदारों के द्वारा काम कम और भुगतान अधिक लिया जा रहा है।
ऐसे में एमके बिल्डर्स के ठेकेदार विनोद सिंह को 80 लाख रुपये का भुगतान करने से पहले पारिजात अपार्टमेंट उनके द्वारा कराए गये कार्य का पहले भौतिक सत्यापन कराएगा। इसके कारण ठेकेदार विनोद सिंह का भुगतान रोक दिया गया है।
समर विजय सिंह ने बताया कि 27 दिसंबर 2021 में एलडीए के द्वारा 5.50 करोड़ रुपये से आवंटियों के फ्लैट में आंतरिक कार्य कराए जाने का ठेका उठा था। इस कार्य को तीन ठेकेदारों के द्वारा कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एलडीए की मोटी रकम ठेकेदारों को भुगतान होने के बाद भी आंतरिक कार्य नहीं दिख रहा है। ऐसे में जो कार्य हुआ ही नहीं तो उसका एलडीए कैसे भुगतान कर सकता है।
अधिशासी अभियंता ने किया निरीक्षण
जोन एक अधिशासी अभियंता अवनींद्र सिंह ने बीते बृहस्पतिवार को पारिजात अपार्टमेंट का निरीक्षण किया। दरअसल सोसाइटी के द्वारा लगातार आवंटियों की समस्याओं के बारे में एलडीए अफसरों से शिकायत की जा रही है। इन समस्याओं के निराकरण के नाम पर मोटी रकम के टेंडर हो रहे पर आंतरिक कार्य की प्रगति नहीं दिख रही है।
