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# कभी कैफ-चेतन चौहान को बोल्ड करते थे शाकिर : अब आर्थिक तंगी से छूटा क्रिकेट

बरेली : (मानवीय सोच) मोहम्मद शाकिर खान कभी क्रिकेट के होनहार खिलाड़ी थे। उनकी इनस्विंग गेंदें क्रिकेटर मोहम्मद कैफ, ज्ञानेंद्र पांडे और चेतन चौहान जैसे धुरंधरों तक की गिल्लियां उड़ा देती थीं। उनकी गेंदबाजी की इस धार को देखकर बरेली ही नहीं,  खिलाड़ियों को लगता था कि शाकिर खूब नाम कमाएंगे। ‌वह विश्व क्रिकेट के फलक पर चमकेंगे।

मगर, मुफलिसी की जंजीरें उनके पैरों में ऐसी जकड़ी कि वो खेल का मैदान छूट गया। हालात इस कदर बिगड़े कि शाकिर को मजबूरन फूल बेचने का पेशा अपनाना पड़ा। 47 साल के शाकिर अब बरेली की दरगाह आला हजरत के बाहर फूल बेचकर हर दिन का सिर्फ 500 से 600 रुपए कमा पाते हैं। 

शाकिर बरेली के बिहारीपुर के रहने वाले हैं। उन्हें उनके दोस्त पीके-11 के नाम से जानते हैं। क्योंकि, शाकिर पढ़ाई के दौरान पीके-11 टीम के लिए बॉलिंग किया करते थे। साल 1993 में इंटर की परीक्षा पास की। वह कहते हैं, ‘मैं 12वीं की पढ़ाई के दौरान घर से स्कूल जाने की बात कहकर निकलता और फिर मैच खेलने चंदौसी पहुंच जाता। वहां दिनभर क्रिकेट खेलता था। 

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